अप्रैल का पहला प्रदोष व्रत 6 अप्रैल रखा जाएगा। चैत्र महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन पहला प्रदोष व्रत पड़ रहा है, जो महादेव को समर्पित है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत करने से मनोकामना पूर्ति का वरदान प्राप्त होता है। इसलिए आइए जानते हैं प्रदोष पूजा की विधि, उपाय और शुभ मुहूर्त-
शुभ मुहूर्त-
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ- अप्रैल 06, 2024 को 10:19 ए एम बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त- अप्रैल 07, 2024 को 06:53 ए एम बजे
दिन का प्रदोष समय- 06:26 पी एम से 08:43 पी एम
प्रदोष पूजा मुहूर्त- 06:26 पी एम से 08:43 पी एम
अवधि- 02 घण्टे 17 मिनट्स
पूजा-विधि
स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण कर लें। शिव परिवार सहित सभी देवी-देवताओं की विधिवत पूजा करें। अगर व्रत रखना है तो हाथ में पवित्र जल, फूल और अक्षत लेकर व्रत रखने का संकल्प लें। फिर संध्या के समय घर के मंदिर में गोधूलि बेला में दीपक जलाएं। फिर शिव मंदिर या घर में भगवान शिव का अभिषेक करें और शिव परिवार की विधिवत पूजा-अर्चना करें। अब प्रदोष व्रत की कथा सुनें। फिर घी के दीपक से पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आरती करें। अंत में ॐ नमः शिवाय का मंत्र-जाप करें। अंत में क्षमा प्रार्थना भी करें।
प्रदोष उपाय
शिव जी की असीम कृपा पाने के लिए पूजन के दौरान शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें-
1. घी
2. दही
3. फूल
4. फल
5. अक्षत
6. बेलपत्र
7. धतूरा
8. भांग
9. शहद
10. गंगाजल
11. सफेद चंदन
12. काला तिल
13. कच्चा दूध
14. हरी मूंग दाल
15. शमी का पत्ता
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।













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