डेस्क : असम विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में विपक्षी खेमे के भीतर तनाव और मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। नतीजों के बाद विपक्षी एकता की कमजोर तस्वीर दिखाई दे रही है, जबकि सत्ता पक्ष अपनी स्थिति को और मजबूत करता दिख रहा है।
इस बीच राइज़ोर दल के नेता और विधायक अखिल गोगोई ने कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस की रणनीति पर सवाल
अखिल गोगोई ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक ढांचे को कमजोर बताते हुए कहा कि पार्टी जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ने में असफल रही है। उनके अनुसार, लगातार हार के बाद भी कांग्रेस अपने भीतर सुधार करने के बजाय आंतरिक मतभेदों में उलझी हुई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के बीच समन्वय की कमी के कारण एक मजबूत राजनीतिक विकल्प खड़ा नहीं हो पा रहा है।
राहुल और प्रियंका गांधी पर निशाना
अपने बयान में गोगोई ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व राज्यों की राजनीतिक वास्तविकताओं को समझने में असफल रहा है।
उनका कहना है कि जब तक कांग्रेस अपनी कार्यशैली और नेतृत्व दृष्टिकोण में बदलाव नहीं लाती, तब तक विपक्षी एकजुटता केवल एक नारा बनकर रह जाएगी।
विपक्षी खेमे में बढ़ती दूरी
असम में चुनाव परिणामों के बाद विपक्षी दलों के बीच सहयोग की जगह प्रतिस्पर्धा और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बनता जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति विपक्षी एकता को और कमजोर कर सकती है।
वहीं दूसरी ओर भाजपा को राजनीतिक रूप से इसका सीधा लाभ मिलता दिखाई दे रहा है, क्योंकि विपक्ष अभी तक एक साझा रणनीति विकसित नहीं कर पाया है।













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