लंदन: ब्रिटेन के सार्वजनिक प्रसारक बीबीसी ने अपने इतिहास के सबसे बड़े लागत कटौती कदमों में से एक के तहत लगभग 2000 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। यह कुल कर्मचारियों का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा है। इस कदम का उद्देश्य अगले दो वर्षों में संगठन की कुल लागत को करीब 10% तक कम करना है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बीबीसी पर बढ़ती आर्थिक चुनौतियों, महंगाई के दबाव और लाइसेंस शुल्क तथा कमर्शियल आय में गिरावट के कारण यह फैसला लिया गया है। संस्था का कहना है कि उसे लगभग 500 मिलियन पाउंड (करीब 677 मिलियन डॉलर) की बचत करनी है, ताकि वित्तीय स्थिरता बनाए रखी जा सके।
यह घोषणा एक आंतरिक स्टाफ मीटिंग के दौरान की गई, जिसमें बीबीसी के इंटरिम डायरेक्टर-जनरल रॉध्री टालफान डेविस ने कर्मचारियों को स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने माना कि यह निर्णय कठिन है, लेकिन बदलते मीडिया बाजार और वित्तीय दबाव के बीच इसे जरूरी बताया गया।
सूत्रों के मुताबिक, यह छंटनी बीबीसी के विभिन्न विभागों—चाहे वह लाइसेंस फंडेड यूनिट हो या कमर्शियल सेक्टर—सभी पर असर डालेगी। अनुमान है कि यह पिछले लगभग 15 वर्षों में बीबीसी की सबसे बड़ी नौकरी कटौती होगी।
बीबीसी ने पहले ही संकेत दिए थे कि उसे आने वाले वर्षों में अपने बजट में लगभग 10% की कटौती करनी पड़ सकती है। मौजूदा कदम उसी व्यापक पुनर्गठन योजना का हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मीडिया प्रतिस्पर्धा, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स का बढ़ता दबाव और बदलती दर्शक आदतें सार्वजनिक प्रसारकों के लिए नई वित्तीय चुनौतियां पैदा कर रही हैं।













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