माले: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मालदीव की राजधानी माले में आयोजित एक औपचारिक भोज में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और वहां की जनता के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर उन्होंने भारत-मालदीव संबंधों की गहराई को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच का रिश्ता केवल कूटनीति नहीं, बल्कि आत्मीयता का है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“भारत-मालदीव संबंध सदियों पुराने हैं। हम न केवल पड़ोसी हैं, बल्कि साथी और सच्चे मित्र हैं, जो ज़रूरत के समय एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं। मालदीव, भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति में एक विशेष स्थान रखता है… यह केवल विदेश नीति का हिस्सा नहीं, बल्कि गहरे स्नेह का संबंध है।”
उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में उच्चस्तरीय संपर्कों की निरंतरता इस रिश्ते को और मजबूत करती है।
“पिछले साल राष्ट्रपति मुइज्जू भारत के राजकीय दौरे पर आए थे और अब मुझे उनके कार्यकाल के पहले राजकीय अतिथि के रूप में यहां आने का अवसर मिला है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ पर अतिथि के रूप में आमंत्रण को गौरवपूर्ण क्षण बताया और कहा,
“इस अवसर पर यहां उपस्थित होना मेरे लिए सम्मान की बात है। इस आमंत्रण के लिए मैं राष्ट्रपति को धन्यवाद देता हूं और भारत की जनता की ओर से मालदीव की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।”
उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि यह यात्रा एक प्रतीकात्मक क्षण पर हो रही है।
“इस वर्ष भारत-मालदीव संबंधों की 60वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। मालदीव की स्वतंत्रता के 60 वर्ष और हमारे द्विपक्षीय संबंधों के भी 60 वर्ष—यह सुखद संयोग इस यात्रा को और भी विशेष बनाता है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत की सराहना करते हुए कहा,
“हमारी साझी विरासत उतनी ही पुरानी है जितनी मानसून की, और उतनी ही मीठी जैसे अद्दू बॉन्डी (मालदीव की पारंपरिक मिठाई)। हमारी भाषाओं में भी समानता है—धीवेही में कई शब्द भारत से आए हैं। स्वाद में भी हम एक जैसे हैं—अलग होते हुए भी एकदम उपयुक्त।”
प्रधानमंत्री ने लोगों के बीच के संबंधों को इस दोस्ती की सबसे मजबूत कड़ी बताया। उन्होंने बताया,
“हमारे नागरिकों के बीच जो प्रेमपूर्ण संबंध सदियों से बने हैं, वे आज भी उतने ही मजबूत हैं। इस साल मालदीव का दस लाखवां पर्यटक एक भारतीय निकला—यह दर्शाता है कि हमारे लोग एक-दूसरे के कितने निकट हैं।”
राष्ट्रपति मुहम्मद मुइज्जू ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा,
“आपको भारत के लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई। यह 4,078 दिनों की आपकी सेवा जनता के प्रति आपके समर्पण और प्रगति के प्रति आपकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”
मुइज्जू ने मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि लोकतंत्र की सफलता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि मोदी ऐसे पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने यह कीर्तिमान स्थापित किया है, और वे स्वतंत्र भारत में जन्मे पहले प्रधानमंत्री भी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियां:
- मई 2014 से लगातार प्रधानमंत्री पद पर आसीन।
- 74 वर्षीय मोदी ने 11 वर्ष और 60 दिन पूरे कर लिए हैं।
- इंदिरा गांधी ने लगातार 11 वर्ष 59 दिन सेवा दी थी।
- पंडित नेहरू ने सबसे लंबा कार्यकाल—16 वर्ष 286 दिन—पूरा किया था।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दो दिवसीय मालदीव दौरा राष्ट्रपति मुइज्जू के निमंत्रण पर हो रहा है, जिसमें दोनों नेताओं के बीच व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। भारत ने इस द्वीपीय देश को उसके विकास पथ पर एक नई गति देने के लिए समर्थन देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।












मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

