नई दिल्ली: भारत और रूस के बीच रक्षा संबंधों को नई मजबूती देने वाला एक महत्वपूर्ण सैन्य समझौता अब लागू हो गया है। इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के क्षेत्र में सैनिकों, युद्धपोतों और सैन्य विमानों की तैनाती कर सकेंगे। इसे भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी में बड़ा कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, समझौते के तहत दोनों देश सीमित संख्या में सैनिकों और सैन्य संसाधनों को एक-दूसरे के क्षेत्र में तैनात कर सकेंगे। इससे संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आपसी समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, दोनों देशों की सेनाओं को बंदरगाहों, एयरबेस और अन्य सैन्य सुविधाओं के उपयोग की अनुमति भी मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील से भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग और अधिक मजबूत होगा। भारत को रूस के सामरिक क्षेत्रों तक पहुंच का लाभ मिल सकता है, वहीं रूस को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति का फायदा मिलेगा।
समझौते में युद्धपोतों को ईंधन, मरम्मत और तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएं देने का प्रावधान भी शामिल है। वहीं सैन्य विमानों को एयर ट्रैफिक कंट्रोल, नेविगेशन और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
वैश्विक स्तर पर बदलते सामरिक समीकरणों के बीच इस समझौते को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों की सैन्य क्षमता, आपसी भरोसा और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिलेगी।













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