नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े संकट के बीच केरल का विजिनजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री केंद्र बनकर उभरा है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बंदरगाह की सराहना करते हुए कहा कि इस समय वैश्विक शिपिंग जगत का ध्यान यहां केंद्रित हो रहा है।
तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने कहा कि बंदरगाह पर गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं और लगभग 100 जहाज प्रवेश या लंगर डालने की प्रतीक्षा में हैं। उनका कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता के कारण कई शिपिंग कंपनियां सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प तलाश रही हैं।
थरूर ने विजिनजम को “वैश्विक आवश्यकता” बताते हुए कहा कि बंदरगाह ने रिकॉर्ड समय में 10 लाख टीईयू (कंटेनर क्षमता माप) का आंकड़ा पार कर लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना के दूसरे चरण का विस्तार कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
केरल में स्थित यह बंदरगाह भारत का पहला गहरे पानी वाला ट्रांसशिपमेंट पोर्ट माना जाता है। इसका उद्देश्य विदेशी बंदरगाहों पर भारत की निर्भरता कम करना और समुद्री व्यापार क्षमता को मजबूत करना है।
इस परियोजना का संचालन अडानी समूह कर रहा है, जबकि इसमें केरल सरकार की बहुमत हिस्सेदारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज क्षेत्र में संकट लंबे समय तक जारी रहता है, तो विजिनजम बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।













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