डेस्क : पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए स्वयं को “सुपरपावर” बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि उनका देश किसी भी बाहरी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है। साथ ही उन्होंने भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंधों को विशेष बताते हुए दोनों देशों की मित्रता पर गर्व जताया।
ईरानी प्रवक्ता ने एक साक्षात्कार में कहा कि ईरान ऐसा राष्ट्र है जिसने वर्षों से प्रतिबंधों, दबावों और सैन्य धमकियों के बावजूद अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि जो देश विश्व की बड़ी शक्तियों के सामने मजबूती से खड़ा हो सकता है, उसे कमजोर नहीं समझा जाना चाहिए।
भारत के साथ संबंधों पर बोलते हुए इस्माइल बघाई ने कहा कि नई दिल्ली और तेहरान के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार पर भी बेहद मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराना विश्वास और सहयोग मौजूद है, जिस पर ईरान को गर्व है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ईरान ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे के साथ सहयोग किया है तथा दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामरिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। ईरान ने भारत को क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए भविष्य में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर पूछे गए सवाल पर ईरानी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत सहित किसी भी देश के जहाजों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान केवल अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और समुद्री हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव पर बघाई ने कहा कि वार्ता की संभावनाएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच विश्वास का संकट गहरा है। उन्होंने संकेत दिया कि क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए आगे बातचीत की संभावना बनी हुई है।













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