डेस्क: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 में मिडिल क्लास और घर खरीदने वालों के लिए कई राहत उपायों की घोषणा की है। खासकर होम लोन पर टैक्स छूट में बड़ा बदलाव किया गया है।
अब स्वयं के कब्जे वाली संपत्ति के लिए लिए गए होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली 2 लाख रुपये तक की आयकर छूट में उस ब्याज को भी शामिल किया जाएगा जो संपत्ति के अधिग्रहण या निर्माण से पहले चुका दिया गया हो। आसान भाषा में कहें तो अगर आपने घर बनाने या खरीदने के लिए लोन लिया और कब्जा मिलने से पहले भी ब्याज चुकाया है, तो वह ब्याज अब 2 लाख रुपये की टैक्स छूट में जोड़ा जाएगा।
नियम में संशोधन
सरकार इसके लिए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 22(2) में बदलाव करेगी। यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। फिलहाल सेक्शन 22(2) के तहत खुद के कब्जे वाली संपत्ति पर होम लोन ब्याज पर अधिकतम 2 लाख रुपये की छूट दी जाती थी, लेकिन इसमें प्री-पीरियड इंटरेस्ट शामिल नहीं था। अब यह छूट उस ब्याज को भी कवर करेगी जो घर बनने या कब्जा मिलने से पहले चुका दिया गया हो।
बजट की मुख्य बातें
निर्मला सीतारमण ने कुल 53.5 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में छोटे उद्यमों और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय शामिल हैं। इसमें 12.22 लाख करोड़ रुपये का सर्वाधिक पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया गया है, जिससे वैश्विक जोखिमों के बीच आर्थिक वृद्धि को बनाए रखा जा सके।
व्यक्तिगत आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन निवेश बढ़ाने और उद्योग के लिए अनुपालन आसान बनाने के लिए कर और प्रोत्साहन उपायों की घोषणा की गई है।
अन्य प्रमुख उपायों में विदेशी पर्यटन पैकेज की बिक्री पर टीसीएस घटाकर 2 प्रतिशत, और विदेश में शिक्षा या चिकित्सा खर्च पर भी टीसीएस 2 प्रतिशत कर दिया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि नया आयकर अधिनियम, 2025, 1 अप्रैल से लागू होगा और इसके सरल नियम और फॉर्म जल्द जारी किए जाएंगे।













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