डेस्क: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भारत और ब्रिटेन के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग की सराहना की है। एक कार्यक्रम में उन्होंने दोनों देशों के तकनीकी तालमेल, AI के भविष्य और इससे जुड़े सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
सुनक ने कहा कि भारत और यूके दोनों ही विश्व स्तर पर “AI सुपरपावर” के रूप में उभर रहे हैं, और हालिया रैंकिंग में भारत ने यूके को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने हँसी-मजाक के अंदाज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संवाद का जिक्र किया और कहा कि भले ही AI रैंकिंग में भारत आगे है, लेकिन ICC टेस्ट क्रिकेट रैंकिंग में इंग्लैंड अभी भी शीर्ष पर है, जिस पर उपस्थित लोगों ने हँसी का आनंद लिया।
पूर्व प्रधानमंत्री ने AI के नियमन पर दोनों देशों की समान सोच पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ के सख्त “टॉप-डाउन” मॉडल और अमेरिका के लचीले रवैये से अलग, भारत और यूके सिद्धांत-आधारित और नवाचार को बढ़ावा देने वाले दृष्टिकोण को अपनाते हैं।
सुनक ने AI सुरक्षा और तकनीकी सहयोग की अहमियत बताते हुए ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट और भारत में पिछले साल स्थापित AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जैसे खुफिया जानकारी साझा करने से आतंकवाद जैसे खतरों से निपटने में मदद मिली है, वैसे ही AI संस्थानों के बीच सहयोग नई तकनीक के जोखिमों से सुरक्षा देगा।
उन्होंने यह भी बताया कि ‘यूके-इंडिया टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव’ इस सहयोग को और मजबूत करेगा और यह 21वीं सदी में सुरक्षा और तकनीकी साझेदारी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण होगा।
ऋषि सुनक अक्टूबर 2022 से जुलाई 2024 तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे और वे इतिहास रचते हुए ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल और पहले हिंदू प्रधानमंत्री बने।












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