जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार दोपहर लगभग 3:30 बजे एक एसी स्लीपर बस में अचानक आग लग गई, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। घटना स्थल पर कुल 57 यात्री सवार थे। हादसे में अब तक 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 यात्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायल यात्रियों को तुरंत जैसलमेर से जोधपुर तक 275 किमी लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अस्पताल पहुंचाया गया।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, बस केवल 5 दिन पहले जोधपुर स्थित इक्कू कंपनी से नई खरीदी गई थी। हादसे का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग की तेज लपटों और धुएं के कारण कई यात्रियों को अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और दरवाजों से कूदना पड़ा। ज्यादातर यात्रियों की हालत गंभीर थी, कुछ यात्री 70 प्रतिशत तक झुलस गए थे।
जोधपुर पहुंचते समय हुसैन खां (79) पुत्र इब्राहिम खां निवासी जैसलमेर की मौत हो गई। उनके शव को मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। अन्य घायलों में महिपाल सिंह (रामदेवरा), युनुस (बंबरो की ढाणी), ओमाराम (लाठी), इकबाल (गंगाणा), भागा बाई (बंबरो की ढाणी), पीर मोहम्मद (बंबरो की ढाणी), इमितिजा (बंबरो की ढाणी), रफीक (गोमर), लक्ष्मण (सेतरावा), उबेदूजा (गोमर), विशाखा (जोधपुर), आशीष (जोधपुर), जीवराम (पोकरण), मनोज और फिरोज शामिल हैं।
जोधपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने बताया कि दोनों प्रमुख अस्पतालों—मथुरादास माथुर हॉस्पिटल और महात्मा गांधी हॉस्पिटल—में मेडिकल टीम को अलर्ट कर दिया गया है। अस्पतालों में अधीक्षक, सीनियर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ पहले से तैयार हैं, ताकि घायल यात्रियों को तुरंत इलाज मिल सके। मथुरादास हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर और ट्रॉली पहले से तैयार हैं, ताकि मरीजों को तुरंत भर्ती और इलाज किया जा सके।
हादसे के बाद स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जैसलमेर नगर परिषद के असिस्टेंट फायर ऑफिसर कृष्णपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि 15 से अधिक लोगों की जलने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों और बचाव दल ने मिलकर कई यात्रियों को बाहर निकाला।
इस हादसे के मद्देनजर हाईवे पर लगे सभी थानों की टीमों को विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि एंबुलेंस और राहत वाहन बिना किसी बाधा के गंतव्य तक पहुंच सकें। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को जोधपुर लाया गया। उनमें से 14 का इलाज महात्मा गांधी हॉस्पिटल में चल रहा है, जबकि एक को प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
इस घटना ने यात्रियों और स्थानीय लोगों में गहरा सदमा पैदा कर दिया है। बस मालिकों और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए तत्काल जांच और राहत कार्रवाई शुरू कर दी है। घटनास्थल पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीम लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई है।













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