नई दिल्ली : भारत ने चीन द्वारा पाकिस्तान को कथित समर्थन दिए जाने से जुड़ी रिपोर्टों पर गंभीर आपत्ति जताई है। यह मामला उस समय सामने आया है जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक गतिविधियों को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी देश द्वारा ऐसे कदम उठाना, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद या सैन्य टकराव की स्थितियों को प्रभावित करते हों, क्षेत्रीय शांति के लिए उचित नहीं हैं। भारत का मानना है कि जिम्मेदार राष्ट्रों को अंतरराष्ट्रीय नियमों और पारदर्शिता का पालन करना चाहिए।
सूत्रों ने यह भी बताया कि भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समर्थन या सहयोग वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करता है। ऐसे समय में जब क्षेत्रीय स्थिरता महत्वपूर्ण है, किसी भी प्रकार की बाहरी सहायता या हस्तक्षेप चिंता का विषय बनता है।
कूटनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का यह रुख उसकी दीर्घकालिक विदेश नीति का हिस्सा है, जिसमें वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सख्त और स्पष्ट स्थिति अपनाता रहा है।
भारत ने अप्रत्यक्ष रूप से यह संदेश भी दिया है कि वैश्विक समुदाय को ऐसे मामलों में “जिम्मेदार राष्ट्रों की भूमिका” निभानी चाहिए और ऐसे कदमों से बचना चाहिए जो तनाव को बढ़ा सकते हैं।













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