नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर एनडीए में बड़ी सहमति बनती दिख रही है। पिछले कुछ दिनों से खबरें थीं कि चिराग पासवान अड़े हुए हैं और 40 विधानसभा सीटों से कम पर राजी नहीं हैं। अब सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि वह 25 सीट पर सहमत हो सकते हैं। इसकी एवज में उन्हें भाजपा से केंद्र से लेकर बिहार सरकार तक में ज्यादा महत्व और मंत्रालय दिए जाने का भरोसा मिला है। इसके अलावा उनकी पार्टी को एक राज्यसभा सीट भी ऑफर की जा सकती है। भाजपा की ओर से मिले इस भरोसे के बाद चिराग पासवान 25 सीटें लड़ने पर ही राजी हो सकते हैं।
इसके संकेत चिराग पासवान के बयान से भी मिल रहे हैं। चिराग पासवान का कहना है कि एनडीए में सब ऑल इज वेल है और जल्दी ही सीट बंटवारे को लेकर ऐलान हो जाएगा। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा जा रहा है, लेकिन यह माना जा रहा है कि 25 सीटों पर चिराग राजी हो सकते हैं। गुरुवार को दोनों पक्षों की ओर से मीटिंग हुई थी, जिसमें भाजपा और एलजेपी के कई नेता दिन भर मौजूद रहे। इस मीटिंग में नित्यानंद राय के अलावा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे। चिराग पासवान का इन मीटिंगों के बाद ही कहना है कि सब कुछ अच्छा चल रहा है और चीजें फाइनल स्टेज में हैं।
दरअसल बिहार में 6 और 11 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में भाजपा चाहती है कि उसके उम्मीदवारों को कम से कम 20 दिनों का टाइम कैंपेन के लिए मिले। इसीलिए गठबंधन में जल्दी ही सीट बंटवारे पर जोर दिया जा रहा है। जीतनराम मांझी, चिराग पासवान जैसे सहयोगी दलों को साधने में भाजपा उलझी हुई है। वहीं महागठबंधन में भी आरजेडी, कांग्रेस के बीच कम तनाव नहीं है। चिराग पासवान का कहना है कि हमारा स्ट्राइक रेट लोकसभा चुनाव में काफी अच्छा रहा है। इसलिए ज्यादा सीटें दी जाएं। चिराग पासवान के बारे में कहा जा रहा है कि वह मुख्यमंत्री बनने की भी आकांक्षा रखते हैं।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
