डेस्क : देशभर में मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तीसरे चरण की तैयारी में जुट गया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद आयोग इस अभियान को और व्यापक स्तर पर लागू करने की योजना बना रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अगले चरण में 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जाएगा। इससे पहले 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। चुनाव आयोग का मानना है कि इस अभियान से मतदाता सूचियों में मौजूद मृत, डुप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाताओं के नामों को हटाने में मदद मिलेगी।
आयोग के आंकड़ों के मुताबिक देश में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 99 करोड़ है। इनमें से करीब 60 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन और पुनरीक्षण कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष मतदाताओं को आगामी चरण में कवर किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार जिन राज्यों में पहले ही विशेष पुनरीक्षण अभियान पूरा हो चुका है, उनमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल, बिहार, गोवा और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। इसके अलावा पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। असम में भी इसी प्रकार का विशेष अभियान चलाया गया था।
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि तीसरे चरण की प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू हो सकती है।
आयोग का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विशेष पुनरीक्षण अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।













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