डेस्क : अभिषेक बच्चनने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर अपनी बेबाक राय साझा की है। इंडस्ट्री में कॉमेडी से लेकर गंभीर और नकारात्मक किरदारों तक विविध भूमिकाएँ निभा चुके अभिषेक ने माना कि एआई तकनीक उन्हें असहज करती है और रचनात्मक क्षेत्र पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
हाल ही में ET NOW Global Business Summit 2026 में बोलते हुए अभिषेक ने कहा कि एआई एक्टरों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। उनके शब्दों में, “एआई मुझे डराता है। हर एक्टर को इससे डर लगना चाहिए। रचनात्मक काम में यह बहुत कुछ बदल सकता है। यदि इसका सही उपयोग न किया जाए तो यह एक्टर्स के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।”
तकनीक उपयोगी, पर सीमाएँ स्पष्ट
अभिषेक ने यह भी स्वीकार किया कि एनिमेशन और स्पेशल इफेक्ट्स जैसे क्षेत्रों में एआई बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। इससे काम का समय घटेगा और फिल्मों का बजट भी कम हो सकता है। लेकिन उन्होंने रेखांकित किया कि तकनीकी दक्षता के बावजूद एआई मानवीय संवेदना की जगह नहीं ले सकता।
उनका कहना था कि एआई से निर्मित कई रचनाएँ प्रभावशाली दिखती हैं, पर उनमें “जान” की कमी महसूस होती है। “इंसान की जो स्वाभाविक कमी है, वही उसकी खूबसूरती है। एआई उस मानवीय स्पर्श को नहीं दे सकता,” उन्होंने कहा।
अन्य क्षेत्रों में बड़े बदलाव की संभावना
अभिषेक का मानना है कि मेडिकल और लीगल क्षेत्र में एआई क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। हालांकि फिल्मों और क्रिएटिव इंडस्ट्री पर इसके अंतिम प्रभाव को लेकर वे अभी कोई ठोस निष्कर्ष देने से बचते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि एआई के पूरे परिदृश्य की उन्हें संपूर्ण समझ नहीं है, इसलिए वे इसके साथ पूरी तरह सहज महसूस नहीं करते।
अभिषेक ने अंत में कहा कि वे लगातार एआई के बारे में पढ़ रहे हैं और सीखने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि बदलते समय के साथ स्वयं को तैयार रख सकें।













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