डेस्क : एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए 1,655 करोड़ रुपये जुटाने के बाद अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का आकार घटा दिया है। अब कंपनी का आईपीओ 9,813 करोड़ रुपये का रहेगा। कंपनी ने प्री-आईपीओ चरण में एंकर और संस्थागत निवेशकों से पूंजी जुटाने के बाद यह निर्णय लिया है।
संशोधित योजना के अनुसार, आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) और फ्रेश इश्यू दोनों शामिल हैं। प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के सफल होने के कारण फ्रेश इश्यू के आकार में कमी की गई है। कंपनी का उद्देश्य जुटाई गई राशि का उपयोग कारोबार के विस्तार, परिचालन क्षमता बढ़ाने तथा अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने में करना है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, प्री-आईपीओ चरण में निवेशकों की मजबूत भागीदारी कंपनी में भरोसे का संकेत मानी जा रही है। इसी वजह से ग्रे मार्केट में भी आईपीओ को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। हालांकि, निवेशकों को किसी भी निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, जोखिम कारकों और मूल्यांकन का सावधानीपूर्वक अध्ययन करने की सलाह दी जा रही है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत ब्रांड पहचान और म्यूचुअल फंड उद्योग में कंपनी की स्थिति को देखते हुए यह आईपीओ निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अब बाजार की नजर शेयरों की लिस्टिंग और संभावित प्रदर्शन पर रहेगी।













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