डेस्क : बैंक ग्राहकों की शिकायतों के समाधान को और प्रभावी बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नए ओम्बड्समैन नियम जारी किए हैं। नए नियमों के तहत बैंकों को शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा और समय पर समाधान सुनिश्चित करना होगा। इससे ग्राहकों की शिकायतों को नजरअंदाज करना बैंकों के लिए मुश्किल होगा।
आरबीआई के नए आंतरिक ओम्बड्समैन (Internal Ombudsman) नियम, 2026 के अनुसार, बैंक स्तर पर खारिज की गई शिकायतों की स्वतंत्र समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों की समस्याओं पर बिना उचित जांच के फैसला न लिया जाए।
नए नियमों के तहत आंतरिक ओम्बड्समैन की भूमिका को और मजबूत किया गया है। वह बैंक की ओर से लिए गए फैसलों की समीक्षा करेंगे और यह देखेंगे कि शिकायतों का निपटारा उचित प्रक्रिया के तहत हुआ है या नहीं। इससे बैंक अधिकारियों और प्रबंधन की जिम्मेदारी बढ़ेगी।
आरबीआई का कहना है कि इस व्यवस्था का मकसद बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों को बेहतर शिकायत समाधान उपलब्ध कराना है। यदि ग्राहक बैंक की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होते हैं या तय समय सीमा में समाधान नहीं मिलता है, तो वे आरबीआई की ओम्बड्समैन व्यवस्था के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, नए नियमों से बैंकिंग क्षेत्र में जवाबदेही बढ़ेगी और ग्राहकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिक मजबूत व्यवस्था मिलेगी।













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