डेस्क:प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बड़ी कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ के 20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह छापेमारी बहुचर्चित मैक्सिजोन पोंजी स्कीम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की जा रही है।
इस स्कीम का संचालन चंद्र भूषण सिंह और उनकी सहयोगी प्रियंका सिंह द्वारा किया जाता था। ईडी के अनुसार, दोनों पर आरोप है कि उन्होंने निवेशकों को अवास्तविक और अत्यधिक लाभ का प्रलोभन देकर बड़ी संख्या में लोगों से पैसा जुटाया। प्रचारित रिटर्न इतने अधिक थे कि विशेषज्ञ शुरुआत से ही इस मॉडल पर सवाल उठा रहे थे।
जांच एजेंसियों का कहना है कि इस पोंजी स्कीम के जरिये दोनों प्रमोटरों ने लगभग 300 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की। निवेशकों द्वारा जमा की गई राशि को न तो किसी वैध व्यवसाय में लगाया गया और न ही उसके अनुरूप रिटर्न दिया गया। आरोप यह भी है कि बड़ी मात्रा में जुटाई गई रकम को इन दोनों ने व्यक्तिगत उपयोग में लाया और कई शेल कंपनियों के जरिये धन को इधर-उधर ट्रांसफर किया।
धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद जब निवेशकों ने रिफंड की मांग उठाई तो दोनों कथित तौर पर शहर छोड़कर फरार हो गए। बाद में प्राथमिक जांच और शिकायतों के आधार पर एजेंसियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं और मुख्य अपराध से जुड़े मामलों में उनके खिलाफ सुनवाई जारी है।
आज की छापेमारी के दौरान ईडी की टीमें विभिन्न ठिकानों से डिजिटल दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, संपत्ति के पेपर और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कई स्थानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की संभावना है जो मनी ट्रेल को समझने में अहम साबित हो सकते हैं।
ईडी की यह कार्रवाई मैक्सिजोन स्कीम से जुड़े धन शोधन नेटवर्क को उजागर करने और निवेशकों का पैसा वापस लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।













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