स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के उस प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें खराब रोशनी के दौरान डे-टेस्ट मैचों में पिंक बॉल के उपयोग की बात कही गई है। यह प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट में खेल के समय की बर्बादी को कम करने और परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है।
आईसीसी की योजना के अनुसार, यदि किसी टेस्ट मैच के दौरान प्राकृतिक रोशनी कम हो जाती है और खेल रुकने की स्थिति बनती है, तो लाल गेंद की जगह पिंक बॉल का उपयोग किया जा सकता है, जिससे खेल फ्लडलाइट्स में जारी रखा जा सकेगा।
गंभीर ने इस पहल को “सकारात्मक और व्यावहारिक कदम” बताते हुए कहा कि इससे उन परिस्थितियों में भी खेल जारी रह सकेगा, जहां खराब रोशनी के कारण मैच बिना परिणाम के समाप्त होने का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि लंबे प्रारूप में हर संभव ओवर खेला जाना जरूरी है, खासकर तब जब टीमों के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जैसे बड़े लक्ष्य जुड़े हों।
क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट के पारंपरिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब तक पिंक बॉल का उपयोग केवल डे-नाइट टेस्ट मैचों में किया जाता रहा है, लेकिन नए नियम के तहत इसे सामान्य डे-टेस्ट में भी लागू किया जा सकता है, यदि दोनों टीमें पहले से सहमत हों।
इस कदम को खेल के प्रशंसकों और प्रसारकों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे खराब रोशनी के कारण होने वाले समय नुकसान में कमी आएगी और मैचों का परिणाम निकलने की संभावना बढ़ेगी।












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