एथेंस: ग्रीस की सीमा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक नई जांच रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीक अधिकारियों ने कथित तौर पर कुछ प्रवासियों को ही “भाड़े के गुर्गे” के रूप में इस्तेमाल किया और उनसे अन्य शरणार्थियों को जबरन सीमा पार वापस धकेलने का काम लिया।
जांच में दावा किया गया है कि पाकिस्तान, सीरिया और अफगानिस्तान जैसे देशों से आए कुछ प्रवासियों को ग्रीस-तुर्की सीमा पर तैनात किया गया। इन लोगों का उपयोग अन्य प्रवासियों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के वापस भेजने, जिसे “पुशबैक” कहा जाता है, के लिए किया गया।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि इन अभियानों के दौरान हिंसा, मारपीट और लूटपाट जैसी घटनाएं सामने आईं। कई पीड़ितों ने दावा किया कि उन्हें बेरहमी से पीटा गया और उनका सामान छीन लिया गया, जबकि उन्हें शरण लेने का अधिकार भी नहीं दिया गया।
जांच में इस पूरे तंत्र को एक “छाया प्रवर्तन प्रणाली” बताया गया है, जो कथित रूप से लंबे समय से संचालित हो रही थी और इसमें स्थानीय अधिकारियों की भूमिका होने की आशंका जताई गई है।
हालांकि, ग्रीस सरकार ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का पालन करते हुए ही अपनी सीमाओं की सुरक्षा करती है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी ग्रीस पर प्रवासियों को बिना कानूनी प्रक्रिया के सीमा से वापस भेजने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार इन्हें नकारती रही है। नई रिपोर्ट के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर निगरानी और जांच बढ़ने की संभावना है।













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