वॉशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (स्थानीय समय) को घोषणा की कि अमेरिका होरमुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ दोबारा समुद्री नाकेबंदी लागू करेगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल ईरान और उससे व्यापार करने वाले जहाजों पर लागू होगा, जबकि अन्य देशों के जहाजों को इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति रहेगी।
कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की सैन्य क्षमताओं पर लगातार बड़े हमले कर रहा है और उसकी नौसेना, वायुसेना, मिसाइल तथा ड्रोन निर्माण क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उनके अनुसार, ईरान की ड्रोन निर्माण क्षमता लगभग 92 प्रतिशत और मिसाइल निर्माण क्षमता करीब 89 प्रतिशत तक नष्ट कर दी गई है।
ट्रंप ने दावा किया कि दो दिन पहले अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता होने वाला था, लेकिन ईरान ने अंतिम समय में और बातचीत की मांग कर दी, जिसके बाद यह प्रयास विफल हो गया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब ईरान पर सैन्य दबाव बनाए रखेगा और उसके खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में पहुंच गई है। उनके अनुसार, कुछ महीने पहले जहां महंगाई दर करीब पांच प्रतिशत थी, वहीं अब यह 350 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।
इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की कि राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी गई है। CENTCOM के अनुसार इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना तथा होरमुज जलडमरूमध्य में नागरिक और व्यावसायिक जहाजों के लिए पैदा होने वाले खतरे को कम करना है।
CENTCOM ने यह भी घोषणा की कि मंगलवार शाम से ईरानी बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले समुद्री यातायात पर फिर से नाकेबंदी लागू की जाएगी। अमेरिकी सेना केवल उन जहाजों को रोकने की कार्रवाई करेगी जो ईरानी बंदरगाहों से जुड़े होंगे, जबकि अन्य अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही जारी रहेगी।
अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी और होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को समुद्री सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने और अमेरिकी नौसैनिक बलों के संपर्क में रहने की सलाह दी है।
उधर, ईरान ने अमेरिकी घोषणा का कड़ा विरोध किया है। ईरान के खातम-अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम ज़ोल्फाघारी ने कहा कि तेहरान किसी भी परिस्थिति में अमेरिका को होरमुज जलडमरूमध्य के संचालन में हस्तक्षेप नहीं करने देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी सेना ईरान की अनुमति के बिना उसके निर्धारित समुद्री मार्गों में किसी व्यावसायिक जहाज या तेल टैंकर की आवाजाही सुनिश्चित करने का प्रयास करती है, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
होरमुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।













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