डेस्क : हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसी फिल्में हैं, जिनकी कहानी जितनी दिलचस्प है, उतना ही रोचक उनका पर्दे के पीछे का सफर भी रहा है। ऐसी ही एक फिल्म है, जिसे मशहूर लेखक जोड़ी से अलग होने के बाद जावेद अख्तर ने लिखा था और जिसने आगे चलकर बॉलीवुड के एक उभरते अभिनेता को सुपरस्टार बना दिया।
मशहूर लेखक जोड़ी सलिम–जावेद (सलिम खान और जावेद अख्तर) ने 1970 के दशक में हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। लेकिन 1982 में दोनों के अलग होने के बाद जावेद अख्तर ने अपने दम पर कई कहानियाँ और पटकथाएँ लिखीं, जिनमें एक फिल्म ऐसी भी रही जिसने खास पहचान बनाई।
बताया जाता है कि अलगाव के बाद जावेद अख्तर ने जिस फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी, वह बाद में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म ने अभिनेता सनी देओल के करियर को नई उड़ान दी और उन्हें दर्शकों के बीच एक बड़े स्टार के रूप में स्थापित कर दिया।
जावेद अख्तर की लेखनी हमेशा से ही मजबूत संवादों और प्रभावशाली कहानी के लिए जानी जाती रही है। सलिम–जावेद की जोड़ी टूटने के बाद भी उन्होंने यह साबित किया कि अकेले भी वह दमदार सिनेमा रचने में सक्षम हैं। यह फिल्म उस दौर की उन चुनिंदा फिल्मों में शामिल हो गई, जिसने एक्शन और इमोशन का बेहतरीन संतुलन पेश किया।
फिल्म की सफलता ने न सिर्फ सनी देओल को स्टार बनाया, बल्कि यह भी साबित किया कि जावेद अख्तर की लेखनी का जादू जोड़ी से अलग होने के बाद भी कायम रहा।
आज भी यह फिल्म उस दौर की याद दिलाती है, जब कहानी और संवाद ही किसी फिल्म की असली ताकत हुआ करते थे।













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