डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस संबोधन के खिलाफ लोकसभा में प्रिविलेज नोटिस दाखिल किया है और इसे संसदीय परंपराओं का उल्लंघन बताया है।
कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को दिए गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री ने 18 अप्रैल को दिए गए लगभग 29 मिनट के संबोधन में विपक्षी सांसदों और उनके मतदान व्यवहार पर टिप्पणी की, जो संसदीय मर्यादाओं के विपरीत है।
पार्टी का कहना है कि यह संबोधन उस समय दिया गया जब लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका था। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान विपक्ष पर राजनीतिक आरोप लगाए और संसद की गरिमा को प्रभावित किया।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री का यह संबोधन एक आधिकारिक संवाद कम और राजनीतिक बयान अधिक प्रतीत हुआ, जो संसदीय परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले को संसदीय विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए ताकि इसकी विस्तृत जांच की जा सके।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है।













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