डेस्क: झारखंड पुलिस ने राज्य गठन के बाद नक्सल उन्मूलन, पुलिस बल विस्तार, बुनियादी ढांचे के विकास और साइबर अपराध नियंत्रण जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रमुख उपलब्धियाँ सामने रखी हैं। गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस प्रवक्ता सह आईजी अभियान डॉ. माइकल राज एस ने विस्तृत जानकारी दी।
नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलताएँ
आईजी अभियान के अनुसार, वर्ष 2001 से सितंबर 2025 के बीच झारखंड पुलिस ने
- 10,769 नक्सलियों को गिरफ्तार किया,
- 324 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया,
- 235 नक्सली मारे गए।
इसी अवधि में पुलिस ने 710 पुलिस हथियार और 761 नियमित हथियार बरामद किए। नक्सल उन्मूलन अभियानों के परिणामस्वरूप एसआरई जिलों की संख्या वर्ष 2005 के 16 से घटकर सितंबर 2025 तक सिर्फ 4 रह गई।
इन अभियानों में 408 राज्य पुलिस और 147 केंद्रीय बलों सहित कुल 555 जवानों ने बलिदान दिया।
पुलिस बल में 170% की वृद्धि
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नवंबर 2000 से सितंबर 2025 तक झारखंड पुलिस बल की स्वीकृत संख्या में 170% की बढ़ोतरी हुई है।
- वर्ष 2000 में यह संख्या 29,295 थी,
- जो बढ़कर 2025 तक 79,035 हो गई।
इस अवधि में आईआरबी, एसआईआरबी और एसआईएसएफ जैसे नए संवर्गों का गठन किया गया। पुलिस सेवा के पदों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई—
- डीएसपी के पद 145 से बढ़कर 391,
- सीनियर डीएसपी 38,
- एएसपी 39,
- एसपी 4—
जबकि आईपीएस कैडर के पद 135 से बढ़कर 158 हो गए हैं।
बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार
पिछले 25 वर्षों में झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन की ओर से किए गए निर्माण कार्यों से पुलिस के बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार हुआ है।
- 414 पुलिस स्टेशन भवन तैयार हुए,
- 2,547 निम्न श्रेणी, 354 सेवक व 2,040 उच्च श्रेणी के क्वार्टर बने,
- पुलिस कर्मियों के लिए 15,386 बैरक बेड,
- 61 एसडीपीओ/डीएसपी, 7 एसपी, और 5 कमांडेंट आवास/कार्यालय निर्मित किए गए।
साइबर अपराध पर सख्त कार्रवाई
साइबर अपराध नियंत्रण में भी झारखंड पुलिस ने महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
वर्ष 2016 से सितंबर 2025 के बीच:
- 10,480 मामले दर्ज,
- 7,172 अपराधी गिरफ्तार,
- 2.8 करोड़ रुपये से अधिक नकदी जब्त,
- 10,997 मोबाइल, 16,432 सिम कार्ड, 3,977 एटीएम कार्ड व अन्य उपकरण बरामद किए गए।
राज्य में वर्तमान में
- 435 सामान्य थाने,
- 41 महिला थाने,
- 24 एसटी/एससी थाने,
- 15 साइबर थाने,
- 1 एटीएस थाना
सहित कुल 584 थाने और 91 ओपी संचालित हैं।
नई संस्थाएँ और आधुनिक पहल
नक्सल उन्मूलन और विशेष अभियानों के लिए
- झारखंड जगुआर,
- एसआईएसएफ (औद्योगिक सुरक्षा),
- एटीएस (उग्रवाद नियंत्रण),
- एसआईबी (आसूचना संकलन),
- सीआईएटी व आईटीएस (विशेष प्रशिक्षण)
जैसी इकाइयों का गठन किया गया है।
जनता को त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए डायल-112 और ‘प्रतिबिंब’ ऐप का प्रभावी संचालन हो रहा है।













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