कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी गतिविधियों के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 159 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई राज्य में लंबे समय से चल रहे कोयला तस्करी नेटवर्क की जांच का हिस्सा बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई उन संपत्तियों पर केंद्रित है जिन्हें अवैध कोयला खनन और तस्करी से अर्जित धन के माध्यम से खड़ा किया गया था। एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में हवाला चैनलों के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया और अवैध कमाई को विभिन्न कंपनियों और खातों में घुमाया गया।
यह मामला वर्ष 2020 में दर्ज सीबीआई एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पश्चिम बंगाल के ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन और परिवहन हुआ। बाद में जांच ईडी को सौंप दी गई थी, जिसने इसे मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से आगे बढ़ाया।
पिछले कुछ महीनों में इस मामले में कई स्तरों पर कार्रवाई हुई है, जिसमें छापेमारी, बैंक खातों की जांच और संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल शामिल है। ईडी का कहना है कि इस घोटाले में केवल खनन ही नहीं बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी मिलीभगत के संकेत मिले हैं, हालांकि इस पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस कार्रवाई ने पश्चिम बंगाल में माहौल और गरमा दिया है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं। विपक्ष ने इसे बड़ी राजनीतिक कार्रवाई बताया है, जबकि ईडी का कहना है कि यह पूरी तरह वित्तीय अपराध और अवैध संपत्ति की जब्ती की प्रक्रिया है।
फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी आने वाले दिनों में और संपत्तियों की कुर्की या गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है।













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