नई दिल्ली : संसद में प्रस्तावित महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। विपक्षी INDIA bloc ने परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जुड़े प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए इसे वर्तमान स्वरूप में स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
विपक्षी गठबंधन का कहना है कि सरकार द्वारा महिला आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को परिसीमन से जोड़ना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। INDIA bloc का आरोप है कि इससे न केवल संघीय ढांचे पर असर पड़ेगा, बल्कि यह प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से लागू होने में भी बाधा बन सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, संसद के विशेष सत्र से पहले विपक्षी दलों की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने संकेत दिया कि वे परिसीमन से जुड़े प्रावधानों पर साझा रुख अपनाते हुए सरकार को घेरने की रणनीति बनाएंगे।
विपक्ष का यह भी कहना है कि वे महिला आरक्षण के सिद्धांत के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसे लागू करने की शर्तों और समयसीमा को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। उनका आरोप है कि मौजूदा प्रावधानों के तहत परिसीमन को आधार बनाकर इसे अनिश्चितकाल तक टाला जा सकता है।
उधर, सत्तापक्ष का दावा है कि यह विधेयक देश में महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को ऐतिहासिक रूप से मजबूत करेगा और इसे आगामी लोकसभा चुनावों से लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है, जिसमें यह मुद्दा प्रमुखता से उठने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में संसद के भीतर तीखी बहस और सियासी आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बनेगा।













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