नई दिल्ली:पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि भारत की आर्थिक स्थिति श्रीलंका से भी ज्यादा खराब है। उन्होंने इस परेशानी पर चर्चा करने के लिए केंद्र से सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे पर केंद्र से सवाल किए। खास बात है कि श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की सरकार अब तक के सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘भारत की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। श्रीलंका में लोग विरोध के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। आर्थिक स्थिति खराब है। भारत के आर्थिक हालात बदतर हैं।’ हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह श्रीलंका के साथ भारत की तुलना नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि केंद्र को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल और जबरन लोकतंत्र को नियंत्रित करने के बजाय समाधान खोजना चाहिए कि इस संकट से कैसे पार होंगे।’
बीरभूम नरसंहार के पीड़ितों के परिवारों को नियुक्ति पत्र देने के बाद सीएम बनर्जी ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा, ‘कोई योजना नहीं है। ईंधन की कीमतें 13 दिनों में 11 बार बढ़ी हैं। प्रोविडेंट फंड पर ब्याज कम हो गया है। रेलवे से लेकर बैंक तक सबकुछ बिक गया है। कई राज्यों को उनके हिस्से का जीएसटी नहीं मिल रहा है।’
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने बताया कि उन्हें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेष बघेल से बात हुई। उन्होंने कहा कि वे शिकायत कर रहे थे कि केंद्र उनके राज्य के हिस्से का जीएसटी नहीं दे रहा है। उन्होंने यूक्रेन से लौटे छात्रों को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, ‘सरकार के पास उन छात्रों को देने के लिए कोई पैसा नहीं है, जो यूक्रेन से लौटे हैं। केंद्र क्यों छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने की अनुमति नहीं दे रहा है? मैंने केंद्र को पत्र लिखा है। यह मेरा दुर्भाग्य है। अगर हम वहां होते (केंद्र में) तो हमें यह साफ करने में एक मिनट लगता।’ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मार्च में राज्यसभा मे बताया था कि यूक्रेन से करीब 22 हजार 500 छात्र लौटे हैं।
सरकार के खिलाफ सीएम बनर्जी ने खोला है मोर्चा!
मार्च में बनर्जी ने गैर-भाजपाई मुख्यमंत्रियों और विपक्षी दलों को पत्र लिखा और बैठक बुलाने का आह्वान किया था। उन्होंने आरोप लगाए थे कि भाजपा देशभर में सियासी विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘कई मुख्यमंत्री शिकायत कर रहे हैं। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि उन्हें जीएसटी का हिस्सा नहीं मिल रहा है। महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को राज्यों के राज्यपाल के साथ परेशानियां हैं। सभी राज्यों को साथ आना होगा। अगर राज्यों के बीच तालमेल होगा, तो हम अपनी मांगें उठा सकते हैं।’













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