डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की शुरुआत भारतीय एथलीटों की हालिया उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए की। उन्होंने कहा कि रांची में आयोजित 29वीं राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता 2026 के दौरान महज दो दिनों में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा, जो भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के दो प्रमुख धावकों गुरिंदरवीर सिंह और अनीमेष कुजूर से बातचीत भी की। दोनों खिलाड़ियों ने अपने प्रशिक्षण, मित्रता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के अनुभव साझा किए। गुरिंदरवीर सिंह ने कहा कि अभ्यास के दौरान वे एक-दूसरे की मदद करते हैं, लेकिन ट्रैक पर उतरते ही दोनों प्रतिद्वंद्वी बन जाते हैं।
भारतीय नौसेना में कार्यरत गुरिंदरवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में 10.09 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने अपने बचपन का एक रोचक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि जब उनकी मां उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए टीवी देखने से रोकती थीं, तब उन्होंने मजाक में कहा था कि एक दिन वे स्वयं टीवी पर दिखाई देंगे। गुरिंदरवीर ने कहा, “आज मुझे बहुत खुशी होती है जब मेरे माता-पिता मुझे टीवी पर देखते हैं।”
रांची में आयोजित प्रतियोगिता के दौरान 25 वर्षीय गुरिंदरवीर सिंह ने 10.09 सेकंड का समय निकालकर इतिहास रच दिया। वे 100 मीटर दौड़ में 10.10 सेकंड की बाधा को पार करने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए हैं। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने न केवल राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया, बल्कि आगामी राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।
प्रतियोगिता के दौरान रिकॉर्ड टूटने का रोमांचक सिलसिला देखने को मिला। गुरिंदरवीर ने सेमीफाइनल में 10.17 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। हालांकि कुछ ही देर बाद अनीमेष कुजूर ने 10.15 सेकंड का समय दर्ज कर उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद फाइनल में गुरिंदरवीर ने 10.09 सेकंड का समय निकालकर एक बार फिर रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया और भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।
इस उपलब्धि पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी गुरिंदरवीर सिंह को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “10.09 सेकंड! गुरिंदरवीर सिंह, आपने इतिहास को फिर से लिख दिया है। पूरे देश को आप पर गर्व है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय स्प्रिंटिंग में यह उपलब्धि एक नए युग की शुरुआत का संकेत है और आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय धावकों से पदक की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
