बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर मुख्यमंत्री पद को लेकर संभावित बदलाव की अटकलों के कारण गरमा गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी माने जाने वाले चार वरिष्ठ मंत्रियों की एक “गुप्त” बैठक ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
सूत्रों के अनुसार यह बैठक सोमवार सुबह बेंगलुरु में नाश्ते के दौरान लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली के आवास पर हुई। बैठक में एच. सी. महादेवप्पा, बी. जेड. ज़मीर अहमद खान, के. वेंकटेश और सतीश जारकीहोली शामिल थे। हालांकि इस बैठक को औपचारिक रूप से “अनौपचारिक मुलाकात” बताया जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
बैठक के बाद सभी मंत्री तुमकुरु में सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में एक साथ रवाना हुए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। हाल ही में कांग्रेस विधायक के. एन. राजन्ना के एक बयान में संभावित बदलाव की स्थिति में गृह मंत्री जी. परमेश्वर के नाम की चर्चा सामने आई थी, जिसके बाद राजनीतिक अटकलें और तेज हो गईं।
इसके अलावा उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के हालिया मंदिर दौरे को भी कुछ राजनीतिक संकेतों से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि पार्टी स्तर पर इसे लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अब तक इस पूरे मुद्दे पर चुप्पी बनी हुई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार दोनों ही पहले सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि वे पार्टी हाईकमान के किसी भी निर्णय का पालन करेंगे।
फिलहाल यह पूरा मामला अटकलों और राजनीतिक चर्चाओं के दायरे में ही है, लेकिन चार मंत्रियों की इस बैठक ने राज्य की सत्ता राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है।













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