डेस्क : वित्त वर्ष 2026‑27 से लागू होने वाले नए आयकर नियमों के तहत सैलरीभोगियों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) छूट में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों से खासकर बड़ी‑बड़ी शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को टैक्स में राहत मिलने की संभावना है।
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, अब मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद में रहने वाले कर्मचारियों को वेतन का 50% HRA टैक्स‑छूट मिलेगी, जबकि अन्य शहरों में यह सीमा 40% रहेगी।
नए नियमों में दस्तावेज़ीकरण और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है। HRA की छूट लेने के लिए कर्मचारियों को अब मकान मालिक के साथ संबंध, PAN और किराए का रिकॉर्ड जमा करना अनिवार्य होगा। इसके लिए फ़ॉर्म 124 लागू किया गया है, जो पुराने फ़ॉर्म 12BB की जगह लेगा।
सरकार का उद्देश्य फर्जी किराया‑क्लेम पर रोक लगाना और टैक्स प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाना है। इसके साथ ही मकान मालिक को भी किराया आय को अपनी कुल आय में दिखाना होगा और उस पर टैक्स देना होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव महंगे शहरों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है। हालांकि, HRA का लाभ उठाने के लिए कर्मचारियों को सही दस्तावेज़ और रिकॉर्ड बनाए रखना अनिवार्य होगा।
इस बदलाव से कर्मचारियों की कुल इन‑हैंड सैलरी बढ़ने की संभावना है और टैक्स प्रणाली में अधिक पारदर्शिता आने की उम्मीद है।













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