पटियाला: पंजाब में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग पूरी करना पावरकाम के लिए मुश्किल होता जा रहा है। पावरकाम के लिए राहत की बात यह रही कि शुक्रवार को पंजाब के पांचों थर्मल प्लांटों के 15 यूनिट में से 13 यूनिट शाम तक चल पड़े। रोपड़ व लहरा मोहब्बत के सभी चार-चार यूनिट चले, वहीं राजपुरा के दोनों यूनिटों के साथ तलवंडी साबो के तीन में से दो यूनिट और गोइंदवाल साहिब के दो में से एक यूनिट चला।
रोपड़ प्लांट से 647 मेगावाट, लहरा मोहब्बत प्लांट से 786 मेगावाट, राजपुरा प्लांट से 1334 मेगावाट, तलवंडी साबो से 1180 मेगावाट और गोइंदवाल साहिब से 234 मेगावाट बिजली मिली। रणजीत सागर डैम के दो यूनिटों से 301 मेगावाट बिजली मिली। हालांकि पावरकाम को सेंट्रल पूल से भी 3600 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ी। पावरकाम अप्रैल में 294 करोड़ रुपये की बिजली खरीद चुका है।
शुक्रवार को राज्य में बिजली की मांग करीब 9264 मेगावाट रही, जबकि पावरकाम के पास 8480 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। 784 मेगावाट कम बिजली होने से कई जिलों में छह से आठ घंटे तक अघोषित कट लगे। पावर कट से फाजिल्का, पठानकोट, बटाला, गुरदासपुर, बरनाला मुख्य रूप से प्रभावित हुए। ग्रामीण इलाकों में भी बिजली कट लगे।
गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल प्लांट रोपड़ में भी बिजली उत्पाद दोबारा शुरू हो गया है। थर्मल प्लांट के मुख्य इंजीनियर रवि वधवा ने बताया कि तीन यूनिट में 600 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है। वार्षिक मरम्मत के लिए बंद यूनिट नंबर पांच भी शनिवार को चालू कर दिया जाएगा। प्लांट में आठ दिन का कोयला बाकी है। वहीं बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने भी शुक्रवार को प्लांट का दौरा किया।
बिजली संकट के कारण शनिवार को जालंधर की इंडस्ट्री 12 घंटे बंद रहेगी। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने शनिवार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक इंडस्ट्रियल फीडर बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।













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