नई दिल्ली : भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते (Trade Agreement) पर सहमति बन गई है। इस डील को लेकर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को बयान जारी करते हुए कहा कि यह समझौता देश के निर्यातकों और किसानों दोनों के लिए लाभकारी साबित होगा।
गोयल ने बताया कि अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर वर्तमान में 50 प्रतिशत का आयात शुल्क था, जिसे घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे भारत का निर्यात अमेरिका के 30 अरब डॉलर के बड़े बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनेगा।
जीरो टैरिफ वाले उत्पादों की लिस्ट
पीयूष गोयल ने उन उत्पादों की सूची भी साझा की, जिन्हें भारत से अमेरिका निर्यात करने पर जीरो ड्यूटी मिलेगी:
- जेम्स और डायमंड्स
- फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट्स
- एयरक्राफ्ट पार्ट्स
- स्मार्टफोन
- मसाले, चाय, कॉफ़ी
- कोकोनट और कोकोनट तेल
- एरेका नट, ब्राजील नट, कैश्यू नट, चेस्टनट
- वेजिटेबल वैक्स
- एवोकाडो, केला, आम, पाइनएप्पल
- मशरूम और कुछ बेकरी उत्पाद
किसानों और एमएसएमई के हित सुरक्षित
गोयल ने स्पष्ट किया कि इस समझौते में किसानों, एमएसएमई, हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे लेकर भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन वास्तव में यह डील भारतीय उत्पादकों को नई अवसर प्रदान करेगी और किसी भी वर्ग को नुकसान नहीं पहुंचाएगी।
साथ ही, उन्होंने बताया कि भारत ने अमेरिका को अल्कोहल युक्त पेय पदार्थ, सौंदर्य प्रसाधन और चिकित्सा उपकरण जैसे क्षेत्रों में शुल्क रियायतें दी हैं। वहीं, भारत को अमेरिका में कुछ वाहनों और विमानों के कलपुर्जों पर शून्य जवाबी शुल्क का लाभ मिलेगा।
गोयल ने इसे ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि यह समझौता देश के निर्यात और आर्थिक विकास को मजबूत करेगा।












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