डेस्क : नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती (पराक्रम दिवस) के अवसर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग देश के इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और नेताजी, महात्मा गांधी व डॉ. बी.आर. अंबेडकर जैसे राष्ट्रीय महापुरुषों का अपमान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विरासत, संस्कृति और संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और बाबासाहेब अंबेडकर जैसे महान व्यक्तित्वों के प्रति असहिष्णुता, अपमानजनक टिप्पणियां और कृतघ्नता बढ़ती जा रही है। ममता बनर्जी ने सवाल किया कि क्या बंगाल इस सबको चुपचाप स्वीकार करेगा। उन्होंने भाजपा पर इतिहास को विकृत करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सच्चे इतिहास के बजाय एक मनगढ़ंत कथा देश पर थोपी जा रही है।
‘आज की दिल्ली साजिशों का केंद्र’
नेताजी के नारे ‘दिल्ली चलो’ का उल्लेख करते हुए ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज की दिल्ली बंगाल के खिलाफ साजिशों का अड्डा बन गई है। मुख्यमंत्री ने कहा, “आज दिल्ली ‘चक्रांतनगरी’ बन चुकी है। वह लगातार बंगाल की भाषा, संस्कृति और अस्मिता पर हमला कर रही है, लेकिन हम एकजुट होकर इसका मुकाबला करेंगे।” उन्होंने आजाद हिंद फौज को धर्मनिरपेक्षता और आपसी भाईचारे का प्रतीक बताया।
नेताजी की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश की मांग
ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को अब तक राष्ट्रीय अवकाश क्यों नहीं घोषित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को तोड़ने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी से लेकर सरदार पटेल तक जिन नेताओं ने आजाद भारत की कल्पना की थी, उनके सपनों को आज कुचला जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संविधान का अपमान हो रहा है, नागरिक अधिकार छीने जा रहे हैं और लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।
वोटर लिस्ट संशोधन पर चुनाव आयोग पर हमला
मुख्यमंत्री ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर नेताजी आज जीवित होते, तो उनसे भी नागरिकता साबित करने के लिए कहा जाता। ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के दौरान 110 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जिसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को लेनी चाहिए।
नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग
इससे पहले दिन में ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संबंधित सभी फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार पहले ही राज्य अभिलेखागार में मौजूद सभी दस्तावेज जनता के सामने रख चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1945 के बाद नेताजी के साथ क्या हुआ, यह रहस्य आज भी बना हुआ है, जो पूरे देश के लिए पीड़ा का विषय है।
कुल मिलाकर, नेताजी की जयंती के मंच से ममता बनर्जी का यह भाषण आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक मजबूत राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। बंगाल की अस्मिता, नेताजी की विरासत और संविधान को केंद्र में रखते हुए उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला, जिससे राज्य की राजनीति और अधिक गरमा गई है।













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