डेस्क : फेमस अभिनेता राजपाल यादव ने चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार शाम तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। अभिनेता ने कोर्ट से सरेंडर की समय-सीमा बढ़ाने की अपील की थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
राजपाल यादव की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया था कि अभिनेता ने 50 लाख रुपये की व्यवस्था कर ली है और शेष भुगतान के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा गया था। इस पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने साफ कहा कि पहले अभिनेता को सरेंडर करना होगा, उसके बाद ही उनकी याचिका पर विचार किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि अब तक दी गई राहत केवल बार-बार किए गए आश्वासनों के आधार पर थी।
छह महीने की जेल की सजा
यह मामला राजपाल यादव और उनकी पत्नी द्वारा दायर उन याचिकाओं से जुड़ा है, जिनमें उन्होंने चेक बाउंस मामले में सुनाई गई सजा को चुनौती दी थी। साल 2018 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराते हुए छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद अभिनेता ने ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
सजा पर रोक की शर्त
जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की सजा पर अस्थायी रोक लगाई थी, लेकिन यह राहत इस शर्त के साथ दी गई थी कि वे शिकायतकर्ता के साथ समझौते की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। यह मामला दिल्ली की कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसने राजपाल यादव की कंपनी को फिल्म निर्माण के लिए धन दिया था।
करोड़ों रुपये की देनदारी
अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, अभिनेता के खिलाफ दर्ज सात मामलों में उन्हें प्रत्येक मामले में 1.35 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया है कि राजपाल यादव पर अब भी करीब 9 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। इससे पहले, अभिनेता ने अक्टूबर 2025 में 75-75 लाख रुपये के दो डिमांड ड्राफ्ट रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा कराए थे।













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