नई दिल्ली/ देहरादून /लखनऊ /पटना। भारी बारिश की वजह से सोमवार को पहाड़ से लेकर मैदान तक तबाही देखने को मिली। उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तेज धाराओं में बहने से तीन लापता हो गए। उत्तर प्रदेश में एक सप्ताह से जारी मूसलाधार बारिश और नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदियां उफान पर हैं। प्रदेश में डूबने और आकाशीय बिजली से 15 लोगों की मौतें हुई हैं।
बिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण सात जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया, जिसमें डूबने से एक युवती की मौत हो गई। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश के कारण भूस्खलन की कई घटनाओं के चलते एक राजमार्ग समेत 70 से अधिक सड़कों को बंद करना पड़ा। उधर, गोवा में लगातार तीसरे दिन मूसलाधार बारिश से कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। उत्तर गोवा में भारी बारिश के बीच कुंदैम इंडस्ट्रियल एस्टेट में दीवार गिरने की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। दो दिनों में पांच लोग मारे गए हैं।
उत्तराखंड : कुमाऊं के तराई क्षेत्र में हालात बेकाबू
उत्तराखंड में सोमवार को कुमाऊं के तराई क्षेत्र में भारी बारिश से हालात बेकाबू होते नजर आए। ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा और सितारगंज में कई इलाके बाढ़ में डूब गए। खटीमा में बाढ़ प्रभावितों को बचाने के प्रयास में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। वहीं शक्तिफार्म में एक युवक नदी में और बनबसा में एक बच्ची नाले में बह गए। देहरादून में 17 वर्षीय किशोरी बिंदाल नदी में बह गई। तीनों लापता की तलाश जारी है।
बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए शाम तक एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमें जुटी रहीं। खटीमा में शाम तक करीब 500 लोगों को रेस्क्यू किया गया। खटीमा में जसारी-पटपुरा पुल बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बह गया। नगरा में शारदा नहर क्षतिग्रस्त होने से जलभराव हो गया। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय खटीमा में जलभराव के बीच बच्चे फंस गए।
अरविंदनगर से परिवारों को नावों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। नानकमत्ता के बिचुआ में 65 परिवार देवहा नदी की बाढ़ में फंस गए। काठगोदाम समेत कई स्थानों पर रेल लाइनों पर जगह-जगह जलभराव होने से कुमाऊं में रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। चम्पावत जिले के टनकपुर-बनबसा में जलभराव से 50 से अधिक मवेशियों की मौत हो गई।
चल्थी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे बेलखेत में क्वैराला नदी के ऊपर 1994 में बना झूलापुल नदी के तेज बहाव में गिर गया। चम्पावत में 24 घंटे में 500 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को हाईअलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
बदरीनाथ हाईवे खुला
उत्तराखंड में सोमवार को बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा दूसरे दिन सुचारु हुई। जोशीमठ से बदरीनाथ के बीच बाधित हाईवे विष्णुप्रयाग में सोमवार सुबह साढ़े छह बजे खुल गया, लेकिन हनुमान चट्टी के पास घुड़सिल में बंद हो गया।
चारधाम यात्रा सुचारु
गढवाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि चारधाम यात्रा यथावत जारी है। सभी जिलाधिकारियों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों से भी अनुरेाध है कि कभी बारिश होने पर या मौसम के प्रतिकूल होने पर वे भी सफर से परहेज रखे और किसी सुरक्षित स्थान पर बने रहें।
उत्तर प्रदेश : बारिश से नदियां उफनाईं
नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा, रामगंगा, शारदा, राप्ती, सरयू और गंडक नदियां उफना गई हैं। इससे यूपी और बिहार में बाढ़ की स्थिति सोमवार को गंभीर हो गई। राप्ती नदी ने बलरामपुर और श्रावास्ती के कई गांवों को डुबो दिया है। वहीं, सोमवार तड़के बनबसा बैराज से शारदा नदी में पानी छोड़ते ही पीलीभीत और लखीमपुर जिले में आफत आ गई।
पीलीभीत में नवनिर्मित माला-शाहगढ़ रूट पर बनी पुलिया पानी में बह गई। पूरा रेलवे ट्रैक हवा में लटक गया। वहीं, कलीनगर और बरखेड़ा में सड़क कट जाने से कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। लगातार हो रही बारिश और बाढ़ से बलरामपुर में दो बच्चे, अयोध्या और सीतापुर में एक-एक युवक पानी में डूब गया। पीलीभीत की फरीदपुर तहसील में तीन लोग उफनाए नाले में डूब गए।
पीलीभीत में माला-शाहगढ़ मार्ग पर बनी पुलिया पानी में बह गई। यहां पूरा रेलवे ट्रैक हवा में लटक गया है। उधर, देहरादून से टनकपुर जा रही विशेष ट्रेन को पीलीभीत में शार्ट टर्मिनेट कर दिया गया जबकि टनकपुर से पीलीभीत होकर मथुरा जाने वाली ट्रेन को रद कर दिया गया। वहीं, बाढ़ के खतरों से बचाव और राहत के लिए 11 बटालियन एनडीआरएफ ने टीमों को मुस्तैद कर दिया है। बटालियन के जवान वाराणसी समेत प्रदेश के 42 जिलों की कमान संभालेंगे।
बिहार: नदियों में उफान से सात जिले बाढ़ से प्रभावित
गंडक, कोसी, बागमती और महानंदा नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण उत्तर व पूर्वी बिहार के सात जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। हालांकि, कोसी और गंडक के जलस्तर में सोमवार को कमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन, इससे कटाव का खतरा मंडरा रहा है। पूर्वी चंपारण के केसरिया के काढ़ान गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से युवती की मौत हो गई।
पश्चिम और पूर्वी चंपारण के एक दर्जन से अधिक गांवों में गंडक का पानी घुस गया है। कई जगहों पर सड़कों पर दो फीट तक पानी बह रहा है। पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड के करीब दो सौ परिवार गंडक में आई बाढ़ से घिरे हैं। इसके अलावा वाल्मीकिनगर के चकदहवा, झंडू टोला, कैलाशनगर और मधुबनी प्रखंड में गंडक का पानी फैल गया है।
पूर्वी चंपारण के केसरिया के आधा दर्जन स्कूलों के बाढ़ से घिर जाने के कारण पढ़ाई ठप हो गई है। कई जगह सड़कों पर आवागमन भी ठप है। ढेकहा पंचायत के कई टोलों का सड़क संपर्क भंग हो गया है। कोसी का पानी फैल जाने से दरभंगा के कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड की चार पंचायतों की करीब 10 हजार की आबादी और मधुबनी में मधेपुर के दर्जनभर गांवों के लोग प्रभावित हैं। प्रदेश के सात जिलों में मंगलवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट है।
बाढ़ पीड़ितों को तत्काल मदद पहुंचाई जाए : नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ पीड़ितों तक तत्काल मदद पहुंचाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को गोपालगंज से वाल्मीकिनगर तक नदियों के जलस्तर का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण एवं गोपालगंज जिलों का हवाई सर्वे किया।
हिमाचल : बारिश-भूस्खलन से सड़कें अवरुद्ध
अधिकारियों ने कहा कि शिमला-किन्नौर मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग पांच) किन्नौर जिले में नाथपा स्लाइडिंग प्वाइंट के पास अवरुद्ध हो गया है। मंडी में 31, शिमला में 26, सिरमौर और किन्नौर में चार-चार, हमीरपुर और कुल्लू में दो-दो और कांगड़ा जिले में एक सड़क पर यातायात प्रतिबंधित है। 84 ट्रांसफार्मर और 51 जल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। क्षेत्रीय मौसम कार्यालय ने 11-12 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश, तूफान और बिजली गिरने का अनुमान जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
जम्मू-कश्मीर : भूस्खलन के कारण मुगल रोड अवरुद्ध
पुंछ जिले में कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग मुगल रोड सोमवार को भारी भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के कारण सुरनकोट इलाके में पनार पुल के पास सड़क क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे जम्मू क्षेत्र के सीमावर्ती जिलों पुंछ और राजौरी तथा दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के बीच संपर्क टूट गया।
गोवा : कई इलाके जलमग्न
गोवा में शनिवार से भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने ओरेंज अलर्ट जारी करते हुए उत्तर और दक्षिण गोवा जिलों में कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है। पणजी में 24 घंटे में सबसे अधिक 360 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
राजस्थान : भरतपुर-दौसा में कई जगह भारी बारिश
राजस्थान में दक्षिण पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और अनेक इलाकों में बारिश का दौर जारी है। बीते चौबीस घंटे में राज्य में सबसे अधिक 91 मिलीमीटर बारिश बांदीकुई में हुई। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य में कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ हल्के से मध्यम वर्षा तथा भरतपुर और दौसा जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा दर्ज की गई है।













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