शिमला:कांग्रेस ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश में अनुराग ठाकुर के भाषण को लेकर निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाया है। इसमें अनुराग ठाकुर ने दोहराया है कि कांग्रेस ‘आपकी संपत्ति’ मुसलमानों को दे देगी। गौर करने वाली बात यह कि ऐसा दावा मौजूदा चुनावों में सियासी चर्चा का केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व में कहा था कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन की नजर अब आपकी कमाई और आपकी संपत्ति पर है। कांग्रेस सत्ता में आने पर आपकी संपत्ति का पुनर्वितरण करेगी। इसमें महिलाओं के आभूषण और मंगलसूत्र शामिल होंगे।
कांग्रेस ने बताया आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन
वहीं कांग्रेस ने इसका पीएम मोदी के बयान का खंडन किया है। कांग्रेस ने इसे लेकर चुनाव आयोग से शिकायत भी की है। यही नहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर समय मांगा है ताकि वह प्रधानमंत्री को कांग्रेस का घोषणा पत्र समझा सकें। हालांकि अनुराग ठाकुर की ओर से इसे लगातार हवा देने से विवाद बढ़ता ही जा रहा है। कांग्रेस ने शनिवार को कहा- आज अनुराग ठाकुर ने पीएम और यूपी के मुख्यमंत्री के नक्शेकदम पर चलते हुए बेहद अपमानजनक भाषण दिया, जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।
कार्रवाई करे EC अन्यथा ऐसे लोगों को मिलेगा बढ़ावा
कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को अनुराग ठाकुर के भाषण पर ध्यान देने और उन्हें तुरंत नोटिस जारी करने के लिए लिखा है। कांग्रेस ने कहा है कि चुनाव आयोग को समझना चाहिए कि कार्रवाई नहीं किए जाने से ऐसे कार्यों को बढ़ावा मिलता है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यदि निर्वाचन आयोग कार्रवाई नहीं करता है तो ऐसे लोगों को बढ़ावा मिलेगा जो सोचते हैं कि वे कानून से ऊपर हैं। बता दें कि कांग्रेस की पूर्व शिकायत को देख चुनाव आयोग ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को नोटिस दिया है।
जनता की संपत्ति मुसलमानों को देना चाहते हैं…
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र से साफ है कि कांग्रेस का ‘हाथ’ ‘विदेशी हाथों’ से जुड़ गया है। वे देश की जनता की संपत्ति मुसलमानों को देना चाहते हैं। वे देश की परमाणु शक्ति को खत्म करना चाहते हैं। वे देश को जातियों में बांटना चाहते हैं। टुकड़े-टुकड़े गैंग ने कांग्रेस को पूरी तरह से घेर लिया है। अब आपको तय करना है कि बच्चों की संपत्ति उनके पास रहनी चाहिए या मुसलमानों को मिलनी चाहिए।हमने मुसलमानों को सभी अधिकार समान रूप से दिए… लेकिन हमने इसे धर्म के आधार पर नहीं दिया, हमने उन्हें यह अधिकार इसलिए दिया क्योंकि यह उनका अधिकार था…
राहुल गांधी ने शादी नहीं की…
अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि जब राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने, तो यह नियम था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 55 फीसदी संपत्ति सरकारी खजाने में जाएगी, लेकिन राजीव गांधी ने उनकी संपत्ति बचाने के लिए कानून ही बदल दिया। राहुल गांधी ने शादी नहीं की है, वह आपके बच्चों की संपत्ति छीनना चाहते हैं। गांधी परिवार वही करता है जो उन्हें अच्छा लगता है।













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