डेस्क : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेड रोड पर होने वाले मुख्य कार्यक्रम को लेकर लगाए गए यातायात प्रतिबंधों के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। इस याचिका में शहर के प्रमुख मार्गों पर कई दिनों तक लगाए गए ट्रैफिक प्रतिबंधों को चुनौती दी गई है, जिससे आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, कोलकाता पुलिस ने रेड रोड और उसके आसपास के क्षेत्रों में योग दिवस कार्यक्रम की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अस्थायी यातायात प्रतिबंध लागू किए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ मार्गों पर पूर्ण या आंशिक रूप से आवाजाही रोक दी गई है, जबकि कुछ स्थानों पर वैकल्पिक मार्गों से यातायात डायवर्ट किया गया है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इतने लंबे समय तक प्रमुख सड़क के बंद रहने से आम जनता, कार्यालय जाने वाले लोगों और आपात सेवाओं पर असर पड़ रहा है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि इन प्रतिबंधों की समीक्षा की जाए और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जीवन प्रभावित न हो।
वहीं प्रशासन की ओर से तर्क दिया गया है कि यह सभी कदम केवल एक बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजन की सुरक्षा तथा सुचारू संचालन के लिए आवश्यक हैं। प्रशासन का कहना है कि योग दिवस कार्यक्रम में हजारों प्रतिभागियों की उपस्थिति को देखते हुए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य आयोजन पहली बार कोलकाता के रेड रोड पर किया जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम प्रस्तावित है।
अब इस मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय की अगली सुनवाई और संभावित आदेश पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।













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