डेस्क:महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक पास किए जाने से पहले संसद के दोनों सदनों में जोरदार चर्चा हुई और पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी। इस बीच कई सदस्यों के भाषणों पर हंगामा भी हुआ। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की एक टिप्पणी को लेकर अब भाजपा भड़क गई है और इसे हिंदुओं का अपमान बताया है। वहीं, संजय सिंह का कहना है कि उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की बात को दोहराया है।
भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने संजय सिंह के भाषण का 12 सेकेंड का एक हिस्सा एक्स पर शेयर करते हुए आप नेता के साथ ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी निशान पर लिया। उन्होंने कहा, ‘हराम में राम हैं- आप सांसद संजय सिंह। दुखद है कि हिंदू भावनाओं से नफरत और अपमान अब सामान्य हो चुका है। इससे भी बदतर बात यह है कि INDI गठबंधन के नेता इस सड़ांध की अगुवाई खुद आगे से कर रहे हैं। राहुल गांधी की ओर से पोषित और प्रोत्साहित किया गया एक पूरा ‘हिंदू विरोधी इकोसिस्टम।’
भंडारी ने जो ट्वीट के साथ जो वीडियो शेयर किया है उसमें आप नेता कहते सुनाई दे रहे हैं ‘राम के नाम में चरित्र होना चाहिए वरना तो हराम में भी राम लिखा हुआ है… वरना तो हराम में भी राम लिखा हुआ है।’ यह वीडियो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे तुष्टीकरण की राजनीति बताया। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को भगवान राम, उनके अस्तित्व और राम मंदिर के प्रति कभी कोई श्रद्धा नहीं रही है। उन्होंने हमेशा तुष्टीकरण की राजनीति की है। इसलिए, लोग उन्हें उनकी जगह दिखा रहे हैं।’
प्रह्लाद जोशी पर पलटवार करते हुए संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने अटल जी की बात को दोहराई। उन्होंने कहा, ‘एक केंद्रीय मंत्री इतना बड़ा झूठ कैसे बोल सकता है? जो बात अटल जी ने कही वो मैंने सदन में बताई अगर आपको आपत्ति है तो अटल जी के बयान के लिए माफी मांगो। नीचे प्रमाण है देखिए प्रहलाद जी।’ उन्होंने सबूत के तौर पर एक न्यूज वेबसाइट की कटिंग लगाई जिसमें कहा गया है कि अटल बिहारी वाजपेयी से रामविलास पासवान ने सदन में कहा था, ‘मेरे तो नाम में ही राम है, बीजेपी के पास कहां हैं राम? इस पर वाजपेयी ने कहा था- पासवान जी, हराम में भी राम होता है।’
संजय सिंह ने राज्यसभा में क्या कहा?
आप सांसद ने कहा, ‘अटल बिहारी वाजपेयी से उनके एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी ने कहा था कि मेरे नाम में भी राम है तो आप मेरी पूजा क्यों नहीं करते हैं तो अटल जी ने जवाब दिया राम हमारे लिए मर्यादा के प्रतीक हैं, राम हमारे लिए आदर्श हैं,’राम हमारे लिए आराध्य हैं, राम हमारे लिए देवतुल्य हैं, राम वह हैं जो पिता का वचन निभाने के लिए 14 साल वनवास में रहे, राम वह हैं जिसने लंका का नाश किया, राम चरित्र का नाम हैं, राम आदर्श का नाम हैं, राम के नाम में चरित्र होना चाहिए वरना तो हराम में भी राम लिखा हुआ है। राम का नाम लगाने भर से आपके गुनाह नहीं छिप जाएंगे। सुखराम नाम था ना मान्यवर, बेड के नीचे रुपया मिला था।’













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