डेस्क : हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में शामिल ‘शोले’ (1975) को 1976 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में उम्मीद के मुताबिक बड़ी सफलता नहीं मिल सकी। फिल्म को 10 नामांकनों के बावजूद केवल एक ही पुरस्कार से संतोष करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, ‘शोले’ को उस वर्ष फिल्मफेयर में सबसे अधिक नामांकन मिले थे, लेकिन यह केवल सर्वश्रेष्ठ संपादन (Best Editing) का पुरस्कार ही जीत सकी। यह पुरस्कार फिल्म के संपादक एम. एस. शिंदे को दिया गया।
उस वर्ष के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में फिल्म ‘दीवार’ ने दबदबा बनाया और सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक समेत कई प्रमुख श्रेणियों में पुरस्कार अपने नाम किए। वहीं ‘शोले’ की बड़ी उम्मीदों के बावजूद यह कई प्रमुख श्रेणियों में पीछे रह गई।
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार उस वर्ष संजीव कुमार को फिल्म ‘आंधी’ के लिए मिला, जबकि ‘शोले’ में उनके अभिनय को भी सराहना मिली थी, लेकिन वह अवॉर्ड नहीं जीत सके। इसी प्रकार कई अन्य प्रमुख श्रेणियों में भी फिल्म को निराशा हाथ लगी।
फिल्म विशेषज्ञों के अनुसार, ‘शोले’ को भले ही उस समय सीमित पुरस्कार मिले हों, लेकिन समय के साथ यह भारतीय सिनेमा की सबसे महान और प्रभावशाली फिल्मों में शामिल हो गई।













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