हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों—धर्मशाला, मंडी, सोलन और पालमपुर—में हुए चुनावों के परिणामों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। रविवार को घोषित नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने तीन नगर निगमों पर कब्जा जमाते हुए महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की, जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस केवल पालमपुर नगर निगम में अपना वर्चस्व बरकरार रखने में सफल रही। राजनीतिक विश्लेषक इन परिणामों को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जनता के मूड का संकेत मान रहे हैं।
चारों नगर निगमों के चुनाव पार्टी चिन्हों पर लड़े गए थे और भाजपा तथा कांग्रेस दोनों ने इन्हें प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया था। चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, कई मंत्री और विधायक सक्रिय रहे, वहीं भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा संभाला था।
धर्मशाला नगर निगम में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त करते हुए 17 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को पांच सीटों से संतोष करना पड़ा, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। भाजपा ने इस जीत को विकास और सुशासन के पक्ष में जनता के समर्थन के रूप में बताया है।
मंडी नगर निगम में भी भाजपा का दबदबा कायम रहा। 15 वार्डों वाले निगम में 14 सीटों पर चुनाव हुआ था, जिनमें भाजपा ने 12 सीटों पर विजय प्राप्त की। कांग्रेस केवल एक सीट जीत सकी, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के गृह जिले में भाजपा की यह जीत पार्टी के लिए विशेष महत्व रखती है।
सोलन नगर निगम में भी भाजपा ने बहुमत हासिल करते हुए 17 में से 10 सीटों पर कब्जा जमाया। कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं, जबकि दो वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। सोलन का परिणाम कांग्रेस के लिए विशेष रूप से निराशाजनक माना जा रहा है, क्योंकि पिछली बार यहां पार्टी का नियंत्रण था। वहीं भाजपा के लिए यह जीत प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के प्रभाव और संगठनात्मक मजबूती का संकेत मानी जा रही है।
हालांकि कांग्रेस को पालमपुर नगर निगम में राहत मिली। 15 सदस्यीय निगम में कांग्रेस ने 11 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार अपना बहुमत बरकरार रखा। भाजपा को यहां चार सीटें मिलीं। पालमपुर राज्य का एकमात्र नगर निगम रहा जहां कांग्रेस अपनी स्थिति बचाने में सफल रही। स्थानीय नेतृत्व और संगठनात्मक मजबूती को इस सफलता का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
नगर निगम चुनावों के समग्र परिणामों में भाजपा ने चार में से तीन निगमों पर कब्जा जमाकर राजनीतिक बढ़त हासिल की है। पार्टी इन नतीजों को राज्य सरकार के खिलाफ जनमत के रूप में प्रस्तुत कर रही है। दूसरी ओर कांग्रेस पालमपुर की जीत को अपनी नीतियों और विकास कार्यों पर जनता के भरोसे का प्रमाण बता रही है।
राजनीतिक दृष्टि से इन परिणामों ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दी है। विधानसभा चुनावों में अभी समय शेष है, लेकिन नगर निगम चुनावों के नतीजों ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला और अधिक रोचक तथा चुनौतीपूर्ण होने वाला है।













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