डेस्क:अकाल तख्त साहिब की तरफ से दी गई धार्मिक सजा काटने हरमंदिर साहिब पहुंच शिरोमणि अकाली दल के मुखिया और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमले के बाद पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। आरोपी नारायण सिंह चौड़ा को तुरंत दबोच लिया गया। जानकारी के मुताबिक आतंकी गतिविधियों में सलिप्त रहा चौड़ा अकेले ही सुखबीर सिंह बादल की हत्या करने का प्लान बना चुका था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह अकेले ही स्वर्ण मंदिर पहुंचा था।
जांच में इस बात से इनकार भी नहीं किया गया है कि इसके पीछे बड़ी साजिश नहीं हो सकती है। नारायण सिंह चौड़ा 30 से ज्यादा आतंकी गतिविधियों में पाया जा चुका है और उसके ऊपर केस दर्ज हैं। अकाल तख्त की तरफ से सुखबीर सिंह बादल को दंड का ऐलान करने के बाद ही उसने हमले का प्लान बनाया था। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा कि चौड़ा पहले भी आतंकी रह चुका है इसलिए पूछताछ में उससे सबकुछ उगलवा लेना आसान नहीं है। अभी तक यही पता चला है कि उसने किसी के इशारे पर यह हमला नहीं किया बल्कि अपने मन से ही हमाल करने पहुंचा था। उसे लगता था कि सुखबीर सिंह बादल को जो भी सजा दी गई है वह बहुत कम है।
ता दें कि पुलिस के सामने दिया गया बयान तब तक मायने नहीं रखता जब तक आरोपी वही बात कोर्ट के सामने ना दोहराए। वहीं गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल के ही एक नेता ने सीसीटीवी फुटेज दिखाकर दावा किया है कि चौड़ा एसपी हरपाल सिंह के भी संपर्क में था। एसपी गोल्डन टेंपल के बाहर की सुरक्षा व्यवस्था देख रहे थे। विक्रम सिंह मजीठिया ने वीडियो दिखाते हुए कहा कि डेरा बाबा नानक के एसपी के चौड़ा से अच्छे संबंध थे। यह जानने के बाद भी कि वह आतंकी बैकग्राउंड का व्यक्ति है, उससे दोस्ती की गई।
उन्होंने कहा, यह और भी बड़ी बात है कि एसपी हरपाल सिंह को इन्फॉर्मेशन ऑफिस की ओर जाते देखा गया। इसके कुछ ही देर बाद चौड़ा ने हमला कर दिया। यह भी अभी कन्फर्म नहीं हो पाया है कि चौड़ा पिस्तौल लेकर ही अंदर घुसा था या फिर अंदर ही कहीं उसने व्यवस्था कर रखी थी। बता दें कि चौड़ा खालिस्तानी गतिविधियों के लिए सीमा पार से भी हथियार लाया करता था। बताया जाता है कि वह अब भी खालिस्तानी स्लीपर सेल के संपर्क में था। चौड़ा सोशळ मीडिया पर भी SAD के खिलाफ जहर उगलता रहता था।












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