डेस्क:आईटीआर 2025: टैक्स छूट में गड़बड़ी? घबराइए नहीं, ‘टैक्स असिस्ट’ है न! अब आयकर विभाग की नई सुविधा ‘टैक्स असिस्ट’ न केवल सलाह देगी, बल्कि फर्जी दान पर कार्रवाई भी करेगी। अगर आप धारा 80GGC के अंतर्गत कर छूट का लाभ ले रहे हैं, तो यह टूल आपको मुश्किल से बचा सकता है। कुल मिलाकर अब आयकर रिटर्न (आईटीआर) में की गई गलतियों को सुधारना और आसान हो गया है।
क्या है टैक्स असिस्ट?
करदाताओं की सहायता के लिए आयकर विभाग ने ‘टैक्स असिस्ट’ नाम से एक नई डिजिटल सुविधा आरंभ की है। इसकी मदद से करदाता रिटर्न भरते समय उत्पन्न होने वाले संदेहों और प्रश्नों का उत्तर पा सकेंगे। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो धारा 80GGC के अंतर्गत किसी राजनीतिक दल या चुनावी न्यास को दान देकर कर छूट का दावा करते हैं।
कैसे करेगा मदद?
विभाग ने तीन उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया है कि यह सुविधा कैसे कार्य करेगी:
- अनजाने में की गई गलती पर
यदि किसी करदाता ने अनजाने में 80GGC के तहत छूट का दावा कर लिया है, तो टैक्स असिस्ट उसे रिटर्न संशोधित करने या आईटीआर-यू दाखिल करने की सलाह देगा। इसके साथ ही, बकाया कर और ब्याज जमा करने का निर्देश देगा जिससे जुर्माना टाला जा सके। - फर्जी दान के दावे पर
यदि कोई व्यक्ति झूठा दान दिखाकर टैक्स बचाने की कोशिश करता है, तो यह कर चोरी मानी जाएगी। ऐसी स्थिति में टैक्स असिस्ट, आईटीआर-यू दाखिल कर, बकाया राशि का भुगतान करने की सलाह देगा ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। - वास्तविक दान के मामले में
यदि दान वास्तव में किसी वैध राजनीतिक दल को किया गया है, तो टैक्स असिस्ट सुझाव देगा कि दान की रसीद और बैंक लेनदेन का विवरण संभालकर रखें, क्योंकि जांच के समय इनकी आवश्यकता हो सकती है।
यह पहल क्यों आवश्यक है?
इस सुविधा का उद्देश्य कर प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जागरूकता से युक्त बनाना है। इससे न केवल करदाताओं को अपनी त्रुटियों को सुधारने में सहायता मिलेगी, बल्कि कर चोरी पर नियंत्रण भी स्थापित होगा। साथ ही, यह सुविधा नोटिस का उत्तर देने, नियमों को समझने और सही रिटर्न दाखिल करने में भी मददगार साबित होगी।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

