नई दिल्ली:राजधानी में गर्मी के मौसम के दौरान एक बार फिर आग लगने की बड़ी घटना सामने आई है। मुंडका में शुक्रवार को लगी आग से 27 लोगों की मौत हो गई।
गर्मी बढ़ते ही आग लगने के मामले किस कदर बढ़ जाते हैं इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले तीन वर्षों में दमकल विभाग के पास 44576 से ज्यादा कॉल अलग-अलग स्थलों में आग लगने की मिली है। इसमें 184 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
1568 से ज्यादा घायल हुए
दिल्ली में पिछले तीन वर्षों में आग लगने की घटनाओं में जहां 184 लोगों को अपनी जान गवांनी पड़ी, वहीं, 1568 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में ज्यादातर वह लोग शामिल थे जो बाहरी राज्यों से काम की तलाश में दिल्ली में आकर रह रहे थे।
दमकल विभाग के पास 2019 अप्रैल से 31 जनवरी 2022 तक आगजनी की 44,576 मामलों की सूचना आई थी। विभाग ने आग की इन घटनाओं में 57 को मध्यम श्रेणी में रखा, जबकि नौ मामलों को गंभीर श्रेणी में रखा गया।
आग लगने की घटनाओं को लेकर विभाग का कहना है कि आग लगने के ज्यादातर मामले ज्यादा गर्मी या ज्यादा सर्दी में आते हैं। गर्मी में पारा 45 के पार होता है। इलेक्ट्रिसिटी का लोड अधिक होता है, जिससे शॉर्ट सर्किट होते हैं। वहीं, जब ज्यादा सर्दी होती है तो लोग घरों में हीटर, अंगीठी जैसी चीजों का इस्तेमाल करते हैं, जिनसे आग लग जाती है।
दमकल कर्मी भी आए चपेट में
दमकल विभाग के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक तीन वर्षों में हुए हादसों के दौरान बचाव कार्य के वक्त 166 दमकलकर्मी घायल हुए, जिसमें से दो की जान चली गई। 2 जनवरी 2020 को पीरागढ़ी में एक फैक्टरी में लगी आग में दमकलकर्मी अमित की मौत हो गई थी। नरेला स्थित एक फैक्टरी में आग लगने से 31 वर्षीय दमकल कर्मी प्रवीण कुमार की मौत हो गई थी।













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