वॉशिंगटन: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ट्रेड वॉर के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था ने हैरान करने वाली मजबूती दिखाई है। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) ने मंगलवार को जारी रिपोर्ट में वैश्विक और अमेरिकी आर्थिक वृद्धि के अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित किया है।
38 देशों का यह संगठन अब अनुमान लगा रहा है कि विश्व अर्थव्यवस्था इस वर्ष 3.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। यह 2024 के 3.3 प्रतिशत से थोड़ा कम है, लेकिन जून में 2025 के लिए जताए गए 2.9 प्रतिशत अनुमान से बेहतर है। संगठन का अनुमान है कि वैश्विक वृद्धि अगले वर्ष फिर घटकर 2.9 प्रतिशत पर आ जाएगी।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए भी OECD ने अनुमान बढ़ाया है। अब उम्मीद है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था इस वर्ष 2 प्रतिशत बढ़ेगी, जबकि जून में यह अनुमान 1.6 प्रतिशत था। हालांकि, यह वृद्धि 2024 के 2.8 प्रतिशत की तुलना में काफी कम रहेगी।
जनवरी में व्हाइट हाउस लौटने के बाद ट्रंप ने अमेरिकी व्यापार नीति में बड़े बदलाव किए हैं और आयात पर कर बढ़ाकर एक तरह की संरक्षणवादी दीवार खड़ी कर दी है। अंदेशा था कि इन व्यापारिक बाधाओं से विकास दर धीमी होगी और लागत बढ़ेगी, लेकिन फिलहाल ऐसा प्रभाव सीमित दिख रहा है। एक कारण यह भी है कि कंपनियों ने टैरिफ लागू होने से पहले ही भारी मात्रा में विदेशी सामान आयात कर लिया। इसके अलावा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में बड़े निवेश ने भी वैश्विक और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को गति दी है।
OECD के महासचिव मैथियास कॉर्मन ने कहा, “उच्च व्यापार बाधाओं और नीति अनिश्चितताओं के बावजूद इस वर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है।” हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि बढ़े हुए टैरिफ जल्द ही कीमतों में वृद्धि और उपभोग व निवेश में कमी का कारण बन सकते हैं।
चीन, जो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, के लिए OECD ने इस वर्ष भी 5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान बरकरार रखा है। यूरो इस्तेमाल करने वाले 20 देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्था 2025 में 1.3 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जो 2024 के 0.8 प्रतिशत की तुलना में बेहतर है, लेकिन अब भी सुस्त है।
भारत, जिसने तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में चीन को पीछे छोड़ा है, के लिए OECD ने इस वर्ष 6.7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो 2024 के 6.5 प्रतिशत से अधिक है।












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