डेस्क : वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी S&P ग्लोबल ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.1% कर दिया है। इससे पहले नवंबर-दिसंबर 2025 में एजेंसी ने FY27 के लिए 6.7% वृद्धि का अनुमान लगाया था। यह सुधार भारत की अर्थव्यवस्था पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
प्रमुख चालक और जोखिम
S&P ग्लोबल ने कहा कि निजी खपत, निवेश और निर्यात वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के मुख्य चालक बने रहेंगे। हालांकि, एजेंसी ने वैश्विक संघर्ष और व्यापार अस्थिरता को बड़ा जोखिम बताया। विशेषकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव से ऊर्जा कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिससे वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है।
रेटिंग एजेंसी ने चेतावनी दी कि नए भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार संबंधी अनिश्चितताएं वस्तु कीमतों, व्यापार मात्रा और पूंजी प्रवाह में उतार-चढ़ाव ला सकती हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतें अधिक बनी रहती हैं तो भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं, हालांकि सब्सिडी के जरिए उपभोक्ताओं पर पूर्ण असर सीमित रखा जा सकता है।
महंगाई का अनुमान
S&P ग्लोबल के अनुसार, FY27 में भारत में महंगाई दर 4.3% तक बढ़ सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से व्यापार घाटा बढ़ने की संभावना है, लेकिन मजबूत सेवा क्षेत्र के अधिशेष से चालू खाता घाटे को सीमित रखने में मदद मिलेगी। एजेंसी ने कहा कि ऊंची ऊर्जा कीमतें क्रय शक्ति को कम करती हैं और घरेलू मांग को कमजोर करती हैं। भारत, इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया और थाईलैंड जैसे देशों को बढ़ती सब्सिडी लागत का सामना करना पड़ सकता है, जिससे वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।
एजेंसी ने अपने आधारभूत अनुमान के अनुसार, ब्रेंट कच्चा तेल Q1 FY27 (अप्रैल-जून) में औसतन $92 प्रति बैरल और 2026 में करीब $80 प्रति बैरल रहने की संभावना जताई है। यह अनुमान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति व्यवधान अप्रैल की शुरुआत तक ही सीमित रहने और धीरे-धीरे सामान्य होने की स्थिति पर आधारित है।
प्रतिकूल स्थिति और नीतिगत प्रभाव
एस&P ने चेतावनी दी कि यदि ऊर्जा बाजार में व्यवधान गंभीर और लंबा होता है, तो ब्रेंट कच्चा तेल Q1 FY27 में औसतन $185 प्रति बैरल और 2026 में करीब $130 प्रति बैरल तक पहुँच सकता है। ऐसी स्थिति में महंगाई के बढ़ने से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नीतिगत सख्ती अपना सकता है। एजेंसी ने कहा कि ऐसी स्थिति में FY27 की दूसरी छमाही में ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है।













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