जयपुर : देवी नगर क्षेत्र में आयोजित धर्म सभा में मुनि श्री तत्व रुचि जी “तरुण” ने श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित करते हुए जीवन के मूल तत्वों पर प्रकाश डाला। कटेवा नगर, विवेक विहार, श्याम नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आध्यात्मिक आयोजन में उपस्थित रहे।
मुनि श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि जैसे रामायण की शोभा भगवान राम से है, उसी प्रकार जीवन की वास्तविक शोभा व्यवहार और सदाचार से होती है। उन्होंने समझाया कि मनुष्य के आचरण में यदि शुद्धता और सद्भावना हो, तो उसका जीवन स्वयं ही प्रेरणा का स्रोत बन जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि सदाचार की सुगंध कभी मुरझाती नहीं, वह सदैव बनी रहती है। जीवन में जो सम्मान, यश और जय-जयकार प्राप्त होती है, वह सदाचार के मार्ग पर चलने से ही संभव है। इतिहास के सभी महापुरुष और महासतियाँ अपने शील और सदाचार के कारण ही आज भी पूजनीय और वंदनीय हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुनि श्री संभव कुमार जी ने “प्रेम से होता सुखी परिवार है” गीत का मधुर संगान कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनके गीत के माध्यम से प्रेम, सौहार्द और पारिवारिक एकता का संदेश सभी तक पहुँचा।
धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रेक्षाध्यान के प्रयोग भी करवाए गए, जिससे उन्होंने आत्मिक शांति और एकाग्रता का अनुभव किया। अंत में मंगलपाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस आध्यात्मिक आयोजन ने उपस्थित जनसमूह को जीवन में सदाचार, प्रेम और सकारात्मक व्यवहार अपनाने की प्रेरणा प्रदान की।













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