डेस्क: देश में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक इस वायरस के 7 मामले सामने आ चुके हैं। यह वायरस तीन राज्यों- कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में पाया गया है। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि HMPV से कोविड जैसी स्थिति नहीं बनेगी।
कहां मिले मरीज?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार तक HMPV के 7 मामले दर्ज किए गए।
- बेंगलुरु: यहां बाप्टिस्ट हॉस्पिटल में 3 साल की बच्ची और 8 महीने के बच्चे में HMPV की पुष्टि हुई। दोनों को पहले ब्रोंकोन्यूमोनिया हो चुका था। बच्ची दिसंबर में भर्ती हुई थी और अब स्वस्थ है।
- अहमदाबाद: राजस्थान के डूंगरपुर से 2 साल के बच्चे को अहमदाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 दिसंबर को उसमें HMPV की पुष्टि हुई।
- नागपुर: 7 और 13 साल के दो बच्चों में 3 जनवरी को HMPV पाया गया। नागपुर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने इन मामलों की पुष्टि के लिए AIIMS से दोबारा जांच करवाई। दोनों बच्चे स्वस्थ हो चुके हैं।
- तमिलनाडु: चेन्नई और सेलम में दो सक्रिय मामले हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
सरकार ने कहा- हालात नियंत्रण में हैं
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि HMPV कोई नया वायरस नहीं है और भारत में इस वायरस से कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। उन्होंने बताया कि देश में किसी भी सामान्य श्वसन वायरस रोगजनक में वृद्धि नहीं देखी गई है।
नड्डा ने कहा, “स्वास्थ्य मंत्रालय, ICMR और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) चीन और अन्य पड़ोसी देशों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। WHO ने भी स्थिति का संज्ञान लिया है और जल्द ही रिपोर्ट साझा करेगा।”
सतर्क है स्वास्थ्य विभाग
4 जनवरी को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी बैठक आयोजित की गई। नड्डा ने कहा, “देश की स्वास्थ्य प्रणाली सतर्क है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी उभरती स्वास्थ्य चुनौती का तुरंत जवाब दिया जा सके।”
HMPV क्या है?
HMPV वायरस पहली बार 2001 में नीदरलैंड्स में पाया गया था। यह मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है और बच्चों व बुजुर्गों में अधिक जोखिम पैदा करता है। हालांकि, भारत में इस वायरस के चलते स्थिति चिंताजनक नहीं है।













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