डेस्क : देश की अग्रणी निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने वित्तीय प्रदर्शन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 10 अरब डॉलर (लगभग 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक) का वार्षिक शुद्ध लाभ दर्ज कर भारत की पहली ऐसी कंपनी बनने का गौरव हासिल किया है, जिसने यह उपलब्धि हासिल की हो।
कंपनी के वित्तीय नतीजों के अनुसार, इस वर्ष रिलायंस का शुद्ध लाभ लगभग 95,610 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। यह वृद्धि कंपनी के विविधीकृत कारोबार पोर्टफोलियो—ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल और डिजिटल सेवाओं—के मजबूत प्रदर्शन के कारण संभव हुई है।
विशेष रूप से रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल ने समूह की आय और मुनाफे में अहम योगदान दिया है। डिजिटल और उपभोक्ता आधारित सेवाओं में लगातार विस्तार ने कंपनी की समग्र विकास गति को और मजबूती प्रदान की है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी रिलायंस का यह प्रदर्शन भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर की मजबूती और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।
कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने पिछले कई वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र से आगे बढ़कर डिजिटल और रिटेल जैसे क्षेत्रों में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जिसका सीधा असर कंपनी के वित्तीय परिणामों पर दिखाई दे रहा है।
इस उपलब्धि के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने न केवल भारतीय कॉरपोरेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी स्थिति और अधिक सुदृढ़ की है।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
