डेस्क : तेलंगाना की राजनीति में शनिवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब के. कविता ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (टीआरएस) की औपचारिक घोषणा की। यह ऐलान उन्होंने हैदराबाद के मेडचल स्थित मुनीराबाद में एक विशाल जनसभा के दौरान किया। पार्टी की घोषणा के साथ ही कविता ने इसके विजन और भविष्य की नीतियों का भी खाका पेश किया।
अपने भावुक और आक्रामक भाषण में के. कविता ने कहा कि तेलंगाना आंदोलन के दौरान जो सपने देखे गए थे, वे आज भी अधूरे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के हर नागरिक को सत्ता में बैठे लोगों की “उपेक्षा और कठोरता” का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, “हमने तेलंगाना के लिए संघर्ष किया, लेकिन 12 साल बाद भी सामाजिक तेलंगाना का सपना अधूरा है। किसानों से लेकर दलितों तक, हर वर्ग परेशान है। हमें फिर से राजनीतिक शक्ति की जरूरत है ताकि अपने सपनों को पूरा किया जा सके।”
‘मां की तरह शासन’ का वादा
के. कविता ने कहा कि वे तेलंगाना में “अम्मा का शासन” स्थापित करना चाहती हैं, जो करुणा और संवेदनशीलता पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि शासन ऐसा होना चाहिए जो जनता के दर्द को महसूस करे और उनके साथ खड़ा हो।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे उस परिवार का हिस्सा रही हैं जिसने राज्य की राजनीति को दिशा दी, और इसके लिए उन्होंने जनता से माफी भी मांगी। कविता ने कहा कि अब वे ‘सामाजिक तेलंगाना’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नई शुरुआत कर रही हैं।
कांग्रेस, बीआरएस और भाजपा पर तीखा हमला
अपने भाषण में के. कविता ने कांग्रेस, भाजपा और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) तीनों पर जमकर निशाना साधा।
भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी हमेशा तेलंगाना के गठन के खिलाफ रही और आज भी राज्य के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने सांसदों की चुप्पी और वादों के पूरा न होने को लेकर भी सवाल उठाए।
बीआरएस और के. चंद्रशेखर राव पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि “पहले वाले केसीआर जनता के लिए लड़ते थे, लेकिन अब वह बदल गए हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता और भ्रष्टाचार के कारण उनकी प्राथमिकताएं बदल गई हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सीधा हमला बोलते हुए कविता ने उन्हें “तेलंगाना का हिटलर” तक कह दिया। उन्होंने सरकार पर गरीबों, किसानों और संवेदनशील वर्गों के प्रति उदासीनता का आरोप लगाया।
‘पंचजन्य’ एजेंडे का ऐलान
कविता ने अपनी नई पार्टी के लिए पांच प्रमुख योजनाओं की घोषणा की, जिसे उन्होंने “पंचजन्य” नाम दिया। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और सामाजिक न्याय शामिल हैं।
- शिक्षा: गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को सरकारी व निजी संस्थानों में मुफ्त शिक्षा।
- स्वास्थ्य: सभी के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं।
- कृषि: किसानों को सम्मान और कृषि को उद्योग के रूप में विकसित करने की योजना।
- रोजगार: युवाओं को 2 लाख से 20 करोड़ रुपये तक का फंड और एक साल में 4 लाख नौकरियों का वादा।
- सामाजिक न्याय: एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों सहित सभी वर्गों के लिए अलग-अलग निगमों का गठन और समान अवसर सुनिश्चित करना।
दो साल में सत्ता का दावा
कविता ने दावा किया कि उनकी पार्टी आने वाले दो वर्षों में विपक्ष की मुख्य ताकत बनेगी और आगे चलकर सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई तेलंगाना की जनता के अधिकारों के लिए है और यह संघर्ष अब रुकने वाला नहीं है।
नई पार्टी के ऐलान के साथ ही तेलंगाना की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जो आने वाले समय में राज्य के राजनीतिक समीकरणों को गहराई से प्रभावित कर सकता है।













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