वॉशिंगटन:अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाज़ा संघर्ष को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि हमास ने जानबूझकर युद्धविराम समझौते को विफल किया। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि हमास की मंशा कभी भी शांति समझौता करने की नहीं थी, बल्कि वह मौत की ओर बढ़ना चाहता है।
“ये दुर्भाग्यपूर्ण है। हमास वास्तव में समझौता नहीं करना चाहता था। मुझे लगता है कि वो मरना चाहता है,” ट्रंप ने तीखे शब्दों में कहा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब इज़राइल और अमेरिका ने हमास के साथ कतर में हो रही परोक्ष वार्ताओं से अपने वार्ताकारों को वापस बुला लिया है। ट्रंप ने कहा कि जब समझौते की बातचीत अंतिम चरण में पहुंची—जहां अंतिम बंधकों की रिहाई की बात हो रही थी—तब हमास ने जानबूझकर पीछे हटने का फैसला किया।
“अब हम अंतिम बंधकों तक पहुंच चुके हैं, और उन्हें पता है कि जब अंतिम बंधक रिहा हो जाएंगे तो उसके बाद क्या होगा। शायद इसी कारण उन्होंने समझौते से इनकार कर दिया,” ट्रंप ने कहा, यह संकेत देते हुए कि इज़राइल रिहाई के बाद सैन्य कार्रवाई और तेज़ कर सकता है।
गौरतलब है कि दो वर्षों से चले आ रहे इस संघर्ष में हजारों निर्दोष लोग मारे जा चुके हैं, गाज़ा में भारी तबाही हुई है, और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। कतर और मिस्र की मध्यस्थता में जो युद्धविराम समझौता प्रस्तावित था, उसमें बंधकों की रिहाई, मानवीय सहायता और इज़रायली सेना की चरणबद्ध वापसी जैसे प्रावधान शामिल थे। लेकिन ताजा घटनाक्रम से यह प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर रहा है, वहीं यह इस पूरे विवाद को एक नई राजनीतिक दिशा भी दे सकता है। हालांकि वे अब सत्ता में नहीं हैं, फिर भी अमेरिकी राजनीति में उनकी मौजूदगी और आगामी चुनावों को देखते हुए उनकी टिप्पणियां बेहद अहम मानी जा रही हैं।
इस बीच गाज़ा में मानवीय संकट और गहराता जा रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष और भी खतरनाक मोड़ ले सकता है।












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