डेस्क:देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इस सप्ताह अपने सबसे गंभीर परिचालन संकटों में घिर गई है। मंगलवार और बुधवार को जहां 200 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, वहीं आज (गुरुवार) भी स्थिति में सुधार नहीं दिखा और 180 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इस भारी अव्यवस्था की वजह से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं और हजारों लोग घंटों फंसे रहे।
आज भी 180 से ज्यादा उड़ानें रद्द
गुरुग्राम स्थित एयरलाइन अपने पायलटों की उड़ान-ड्यूटी और आराम अवधि से जुड़े नए नियमों के कारण क्रू की उपलब्धता को लेकर जूझ रही है। सूत्रों के अनुसार, मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु—इन तीन बड़े हवाई अड्डों से लगभग 180 उड़ानें रद्द हुईं।
- मुंबई एयरपोर्ट: कुल 86 उड़ानें रद्द (41 आगमन, 45 प्रस्थान)
- बेंगलुरु एयरपोर्ट: 73 उड़ानें रद्द (41 आगमन सहित)
- दिल्ली एयरपोर्ट: 33 उड़ानें रद्द
दिन चढ़ने के साथ रद्द उड़ानों की संख्या बढ़ने की संभावना भी जताई गई है।
इसी दौरान इंडिगो की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) 3 दिसंबर को छह प्रमुख हवाई अड्डों पर 19.7% तक गिर गई, जो 2 दिसंबर के 35% के मुकाबले आधी रह गई है।
संकट क्यों गहराया? कई चुनौतियों का एक साथ टकराव
इंडिगो की समय-सारिणी अचानक ढहने के पीछे चार प्रमुख कारण सामने आए हैं—
1. क्रू की गंभीर कमी
1 नवंबर से लागू हुए नए ड्यूटी-टाइम नियमों ने पायलट और क्रू के काम के घंटे कम कर दिए और अनिवार्य आराम अवधि बढ़ा दी।
इसके चलते कई पायलट कानूनी तौर पर ड्यूटी के लिए उपलब्ध नहीं रहे, और कई उड़ानें बिना क्रू के फंस गईं।
2. नए FDTL नियमों ने बढ़ाई मुश्किल
DGCA के नए Flight Duty Time Limitation (FDTL) नियमों में—
- रात की लैंडिंग की सीमा 6 से घटाकर 2 कर दी गई
- लगातार ड्यूटी घंटों में कटौती
- साप्ताहिक विश्राम अवधि में वृद्धि
इंडिगो प्रतिदिन लगभग 2200 उड़ानें संचालित करती है और उसके पास बड़ी संख्या में नाइट फ्लाइट्स हैं। नए नियमों ने इसके रोस्टर को अस्थिर कर दिया।
3. प्रमुख हवाई अड्डों पर तकनीकी खामियां
दिल्ली और पुणे एयरपोर्ट पर चेक-इन व डिपार्चर सिस्टम में तकनीकी दिक्कतें आईं, जिससे सुबह की उड़ानें देरी से चलीं और उसी प्रभाव ने पूरे नेटवर्क को अस्त-व्यस्त कर दिया।
4. सर्दियों की भीड़ और एयरपोर्ट कंजेशन
धुंध, बढ़ी हुई यात्री संख्या और पीक आवर्स की भीड़ ने देरी को कई गुना बढ़ा दिया।
मंगलवार को ही इंडिगो की OTP 35% पर आ गई और एक दिन में 1400 से अधिक उड़ानें देरी से चलीं।
नवंबर में भी एयरलाइन को 1232 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
नए FDTL नियम क्या कहते हैं?
उद्देश्य—क्रू की थकान कम करना और उड़ान सुरक्षा बढ़ाना।
नई समय सीमाएँ (पायलटों के लिए)
- 8 घंटे प्रतिदिन
- 35 घंटे प्रति सप्ताह
- 125 घंटे प्रति माह
- 1000 घंटे प्रति वर्ष
- 24 घंटे में 10 घंटे अनिवार्य विश्राम
नियम सुरक्षा के लिहाज से मजबूत हैं, लेकिन इनसे एयरलाइंस को अधिक क्रू की जरूरत पड़ रही है—और इंडिगो इसलिए सबसे अधिक प्रभावित है।
अन्य एयरलाइंस पर इतना असर क्यों नहीं?
1. पैमाना
इंडिगो के पास घरेलू उड़ानों का सबसे बड़ा नेटवर्क है—थोड़ी भी गड़बड़ी का प्रभाव बड़ा होता है।
2. नाइट फ्लाइट्स का बड़ा हिस्सा
अन्य एयरलाइंस की तुलना में इंडिगो के नाइट ऑपरेशन बहुत अधिक हैं।
3. उच्च क्रू-उपयोग मॉडल
इंडिगो बेहद तंग शेड्यूलिंग पर काम करता है—खाली स्लॉट अत्यंत कम। नए नियमों से यह ढांचा हिल गया।
4. नेटवर्क का भारी आकार
छोटी एयरलाइंस अपनी समय-सारिणी जल्दी बदल सकती हैं; इंडिगो के विशाल नेटवर्क में यह प्रक्रिया धीमी है।
स्थिति कब सुधरेगी?
इंडिगो ने कहा है कि वह “कैलिब्रेटेड एडजस्टमेंट्स” कर रहा है और 48 घंटे के भीतर स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
एयरलाइन द्वारा उठाए जा रहे कदम:
- उच्च दबाव वाले रूटों पर क्रू की पुनर्नियुक्ति
- नाइट शेड्यूल में पुनर्गठन
- अंतिम क्षण की अफरातफरी रोकने के लिए प्री-प्लान्ड कैंसिलेशन
- क्रू और विमान रोटेशन को नई व्यवस्था के साथ समायोजित करना
एयरलाइन ने यात्रियों से उड़ान की स्थिति लगातार चेक करने का अनुरोध किया है।
डीजीसीए ने शुरू की जांच, जवाब तलब
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो की भारी देरी और रद्दीकरण पर जांच शुरू कर दी है।
डीजीसीए ने एयरलाइन को मुख्यालय में पेश होकर दो बातें स्पष्ट करने के लिए कहा है:
- मौजूदा अव्यवस्था के वास्तविक कारण
- आने वाले दिनों में सेवाओं को सामान्य करने की विस्तृत योजना
डीजीसीए ने कहा कि वह एयरलाइन के साथ मिलकर ऐसे कदम ढूंढेगा जिससे रद्दीकरण और देरी कम हो सके और यात्रियों को राहत मिले।













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